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कार्रवाई के डर से जिम्मेदारों में मची खलबली

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चंदौली। एनएच विस्तार में नौबतपुर के बिरैली मौजा में जमीन अधिग्रहण के बाद मुआवजा वितरण में हुई अनियमितता की परत अब खुलने लगी है। सदर एसडीएम हीरालाल की जांच में भुगतान किए गए अभिलेखों की पड़ताल में कलेक्ट्रेट के भूलेख कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की करतूत सामने आई है। अब रविवार को एसडीएम नौबतपुर पहुंच जमीन का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसके बाद अपनी रिपोर्ट को डीएम नवनीत सिंह चहल को सौंपेगे। माना जा रहा है कि गलत भुगतान के प्रकरण में कई जिम्मेदारों गाज गिर सकती है।
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नौबतपुर के पास एनएच विस्तार के लिए बिरैली मौजा में हाइवे के किनारे की जमीनों को अधिग्रहण किया गया था। भूस्वामियों को मुआवजा वितरण में जिम्मेदारों द्वारा बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायत डीएम नवनीत सिंह चहल से की गई थी। आरोप लगाए गए कि सरकारी धनराशि को आंख मूंदकर रेवड़ी की तरह बांट दिया गया। मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद प्रशासनिक अफसरों में खलबली और डीएम के निर्देश पर सदर एसडीएम हीरालाल पूरे प्रकरण की जांच कर रहे है। एसडीएम ने दूसरे दिन शनिवार को भी अभिलखों की पड़ताल की गई। उनके प्राथमिक जांच में ही ऐसी खामियां सामने आईं कि अधिकारियों के होश उड़ गए। वर्ष 2010 में भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद जमीन का विक्रय होने का मामला जांच अधिकारी के गले नहीं उतर रहा। वहीं 44 वर्गमीटर जमीन अधिग्रहित करते हुए 104 वर्ग मीटर परती भूमि का आवासीय मुआवजा दिया गया। ताज्जुब कि एलआरसी में तैनात कर्मियों के पास भू-स्वामियों के पर्याप्त रिकार्ड तक मौजूद नहीं। ऐसे में स्पष्ट है कि बिना प्रक्रिया पूरी किए आनन फानन में मुआवजा का वितरण कर दिया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान भी कई तथ्य एसडीएम के सामने आ सकते है।
भूलेख कर्मियों तथा पीड़ित पक्ष के की ओर से उपलब्ध कराए गए अभिलेखों की जांच में कर्मचारियों की खामियां उजागर हुई हैं। रविवार को मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। इससे बाद प्रकरण की पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी जाएगी। दो दोषी होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। हीरालाल, सदर एसडीएम।
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