पीडीडीयू नगर। जिले में नक्सलवाद के त्रासदी भरे दौर का दंश झेल चुके लोग और युवा पीढ़ी बारूदी सुरंग विस्फोट के गवाह हिनौतघाट गांव की घटना को भूले तो नहीं है मगर उससे दरकिनार कर खुशहाल जीवन की ओर लौट चुके हैं। अब गांवों में बच्चे स्कूल जाने लगे हैं तो महिलाएं और पुरुष खेत में काम कर रहे हैं। वहीं युवा पढ़ाई कर रोजी-रोजगार से जुटने के साथ ही समाज की मुख्य धारा से जुड़ चुके हैं। परिवार के भरण पोषण तथा बच्चो की शिक्षा के लिए रोजगार की ओर उद्यत होकर वे कमाई के लिए खेती, पशुपालन के साथ ही बाहर जाकर रोजगार प्राप्त करने की ओर अग्रसर है।
20 नवंबर वर्ष 2004 में नक्सलियों ने नौगढ़ थाना क्षेत्र के हिनौतघाट गांव के पास पुलिया पर बारूदी सुरंग विस्फोट कर पीएसी के 14 जवानों के साथ चन्द्रप्रभा पुलिस चैकी इंचार्ज सहित कुल 16 लोगो को मौत के घाट उतार दिया था। उत्तर प्रदेश की सबसे भीषण नक्सली घटना के बाद हिनौतघाट गांव के लोग वर्षो तक पुलिसिया दमन तथा आशंकाओं के दौर से गुजर रहे थे। लेकिन नक्सलियों का दबाव कम होने तथा पर्वतीय वन क्षेत्र में सरकारी विकास की आहट बढ़ने के बाद धीरे-धीरे इस गांव के लोगों में आत्मविश्वास का संचार हुआ है। जिसके लिए प्रशासन के अलावा सीआरपीएफ के सिविल एक्शन प्रोग्राम तथा यूपी पुलिस की कम्युनिटी पुलिसिंग का बड़ा हाथ माना जाता है। वही सरकार द्वारा नक्सल क्षेत्र में चलाये गये विकास कार्यक्रमो एवं सिंचाई संसाधनों के कारण जनता के अन्दर खोया विश्वास लौट आया है।
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सीआरपीएफ और पुलिस ने बढ़ाया हौशला
नौगढ़ के गांवों में जीवन यापन कर रहे युवाओं को नक्सलवाद से बाहर निकलाने में जिला पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों का भी काफी योगदान है। वहां के युवाओं को नौकरी दिलाने के लिए सरकार द्वारा आयोजित कौशल विकास योजना एवं प्रशिक्षण योजना का प्रयास किया जा रहा है। सरकारी नौकरियों में तो हिनौतघाट के युवाओ को कोई खास सफलता नही मिली है लेकिन निजी क्षेत्र में कई युवा काम करके रोजी-रोटी कमा रहे है। वाराणसी के एक प्रमुख व्यवसायी और चिकित्सक ने कई युवकों को काम में लगाया है। गांव के निवासी रिपुवन, धनंजय, गुलाब, राजेश, दुर्गेश, घनश्याम, सरोज, अशोक ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है तथा उन्हें नक्सलवाद के दंश से उबरने में मदद मिली है। बाकी युवा अब गांव में ही खेती करके अपना भविष्य सुधारने में लगे हुये है। गांव की महिला शिक्षिका बासमती ने कहा कि गांव की सुख-शांति लौट आयी है।
अब बेटियों को भी जोड रहे लघु कौशल से
नौगढ़ और चकिया क्षेत्र की बेटियों को अब लघु कौशल विकास से भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने पहली बार 14 नंवबर को नौगढ़ में आयोजित लघु कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में युवाओं के साथ 50 बेटियों को जोड़ा। एसपी ने कहा कि उन्हें रोजी-रोजगार के लिए जागरूक करने के साथ ही प्रशिक्षित भी किया जाएगा। ताकि क्षेत्र की बेटियों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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जाईका परियोजना के आरम्भ होने के बाद इस क्षेत्र में युवाओं में रोजगार के प्रति उत्साह बढ़ा है। युवा अब यहां धीरे-धीरे पढ़ाई और रोजगार की ओर उन्मुख होने लगे हैं। आनंद दूबे, राजदरी पर्यटन केंद्र प्रभारी