शिकारगंज। बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए स्कूलों में खेलकूद प्रतियोगिताएं चल रही हैं। प्रतियोगिता को पूरा कराने की जिम्मेदारी विद्यालयों के शिक्षकों पर है। लेकिन इसे पूरा करने के फेर में शिक्षक बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसा ही मामला शनिवार को चकिया में देखने को मिला। खेल मैदान तक बच्चों को पहुंचाने के लिए एक विद्यालय ने बच्चों को मैजिक की छत पर बैठाकर भेज दिया। शिक्षा विभाग की यह लापरवाही बच्चों की जिंदगी पर भारी पड़ सकती थी।
चकिया के आदित्य नरायन राजकीय इंटर कॉलेज खेल मैदान में बेसिक स्कूलों की ब्लाक स्तरीय खेल कूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शिकारगंज क्षेत्र के फिरोजपुर प्राथमिक विद्यालय के बच्चे भी पहुंचे। विद्यालय से प्रतियोगिता स्थल दूर था। ऐसे में स्कूल के शिक्षकों ने एक मैजिक में बच्चों को भूसे की तरह पहले अंदर बैठा दिया। इसके बाद भी बच्चे वाहन में अंदर नहीं आ पाए तो शिक्षकों ने उन्हें मैजिक वाहन के छत पर बैठाकर भेज दिया। आश्चर्य तो यह कि वाहन के साथ एक भी शिक्षक मौजूद नहीं था। यह तो संयोग था कि किसी बच्चे को चोट नहीं और सभी बच्चे सुरक्षित ग्राउंड पर पहुंच ग्ए। बच्चों को छत पर बैठा देखकर अध्यापकों की लापरवाही को हर कोई कोसता रहा। बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। इस मामले में खंड शिक्षाधिकारी से रिपोर्ट मांगकर जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।