पीडीडीयू नगर। बाढ़, बारिश व मौसम के परिवर्तन से बेपटरी हुई सब्जियों की कीमत पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही हैं। सब्जियों के अलावा आलू व प्याज की कीमतों के भी उच्च स्तर पर बने रहने से आम जनजीवन बेहाल है। सब्जियों का कोई विकल्प न होने से लोग इन्हें महंगे दर पर खरीदने को विवश हैं। महिलाओं के लिए किचन संभालना लगातार मुश्किल बना हुआ है।
एक बार महंगी हुई सब्जियां, आलू व प्याज के दाम कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। इस दिनों सब्जी मंडियों में आलू 18, प्याज 70, गोभी 20 से 50, परवल 100, साग वाला प्याज 60, बोड़ा 80, करेला 60, टमाटर 40, पालक 50, मेथी का साग 40, मूली 80, भिंडी 30, नेनुआ 60, बैंगन व लौकी 40 रुपये प्रति किलो की दर पर बिक रहे हैं। इससे गरीबों की थालियों से सब्जियां गायब होने लगी हैं। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि बाढ़ व अति वृष्टि के कारणसब्जियों की खेती नष्ट होने से इनके दामों में उछाल आया है। मंडी में सब्जियों की आमद कम होने से इनके भाव में तेजी बनी हुई है। गृहिणियों का कहना है कि सब्जियों के भाव में तेजी आने से अन्य विकल्पों की ओर निगाह टिक गई है। इन दिनों वे चना, राजमा, छोले, सोयाबीन की बड़ी आदि को प्रमुखता दे रही हैं।