पीडीडीयू नगर। लोक आस्था का महान पर्व चार दिवसीय डाला छठ के समाप्त होते ही काम पर वापस लौटने वालों से ट्रेनें फूल हो गई है। स्थिति यह है कि अब अप की ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं मिल रही है। जनरल ही नहीं स्लीपर और एसी कोच में भी यात्री ठुसे हैं। ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ को संभालने में जीआरपी और आरपीएफ को पसीने छूट रहे हैं।
बिहार से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए महानगरों में रहते हैं। ऐसे में दीपावली और छठ पर वे घर आते हैं। त्योहारी सीजन समाप्त होने के बाद वे काम पर वापस लौटने लगे हैं। भीड़ से बचाव के लिए रेलवे ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से होकर बड़े शहरों के लिए बीस से अधिक अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन चलाई है लेकिन इसका प्रचार प्रसार नहीं होने और टाइमिंग सही नहीं होने की वजह से लोग नियमित ट्रेनों पर ही सवार हो रहे हैं। ऐसे में इसमें रिजर्वेशन न मिलने पर जनरल कोच में सवार हो रहे हैं। वहीं टीटीई भी यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं और जनरल टिकट को स्लीपर में तब्दील कर रहे हैं। इससे रेलवे की आय तो हो रही है लेकिन पहले से रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को दिक्कत हो रही है। अप की की ओर जाने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, सियालदह एक्सप्रेस, मुंबई मेल, जोधपुर एक्सप्रेस, नार्थईस्ट एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, मगध एक्सप्रेस, श्रमजीवी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, जनसाधारण एकसप्रेस, संघमित्रा एक्सप्रेस सहित अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनों में जनरल ही नहीं स्लीपर और एसी कोचों में भी पैर रखने की जगह नहीं बची है। इस संबंध में जीआरपी पीडीडीयू निरीक्षक आरके सिंह और आरपीएफ निरीक्षक अख्तर शमी खां ने बताया कि भीड़ को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।