शिकारगंज। शिवचरित्र श्रीराम कथा का प्रवेश द्वार है। रामकथा के श्रवण से सभी पापों का नाश हो जाता है। रामकथा चंद्रमा के प्रकाश की तरह है, जिसको पाने के लिए चकोर रूपी भक्त सदैव लालायित रहता है। ये बातें जागेश्वरनाथ धाम में बाबा जागेश्वरनाथ सेवा समिति की ओर से आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय श्रीरामकथा ज्ञान यज्ञ के पहले दिन मंगलवार की शाम कथा वाचक विनोद पाठक ने कही।
उन्होंने कहा कि रामकथा कलयुग में अमृत के समान हैं, जिसके श्रवण मात्र से ही मोक्ष की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि संसार का प्रत्येक प्राणी भवसागर में डूब रहा है, भवसागर से पार जाने में परमात्मा का सहारा लेना पड़ता है। रामकथा एक ऐसा साधन है जो भव सागर से मुक्ति दिलाता है। उन्होंने कहा कि भक्तिरूपी मणि की खोज प्रत्येक जीव को गुरू रूपी वैद्य के चरणों में जाकर ही पूरी हुई है। उन्होंने भगवान शंकर के विवाह प्रसंग की कथा के महत्व समझाया। कथा की शुरूआत हेतिमपुर ग्राम प्रधान रामविलास पाल ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस मौके पर अरविंद सिंह, शमशेर यादव, सालिक पाल, रामभरोस जायसवाल, भरत माली, जर्नादन सिंह, राजेश यादव, धर्मेन्द्र मोदनवाल रविन्द्रनाथ दुबे रहे।