चंदौली। जिले के नोडल अधिकारी व मंडलायुक्त वाराणसी दीपक अग्रवाल ने अलग-अलग कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डीपीआरओ व जिला पूर्ति कार्यालय में विभागीय अभिलेखों की जांच की। इसमें जनहित से जुड़ी शिकायतों की डंप फाइलों को देखकर उन्होंने कड़ी नाराजी जताई। तकरीबन 100 से अधिक लंबित शिकायतों पर उन्होंने डीपीआरओ को निर्देश दिए।
मंडलायुक्त ने निरीक्षण के दौरान पाया कि डीपीआरओ कार्यालय में प्रधानों व सफाई कर्मियों के खिलाफ पड़े शिकायतों का निस्तारण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। इसके अलावा मंडलायुक्त् डीपीआरओ कार्यालय के उपस्थिति पंजिका, प्रधानों के खिलाफ प्राप्त शिकायती रजिस्टर, डाक रजिस्टर, पीजी पोर्टल रजिस्टरों का अवलोकन किया। कहा कि जन शिकायतों किसी भी हाल में लंबित ना रखें। जिन प्रधानों व सफाई कर्मियों के खिलाफ शिकायतें प्राप्त है उसका तत्काल हल करें। साथ ही साफ-सफाई का निर्देश दिया कि ग्रामीण अंचलों की साफ-सफाई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में जो खामियां उजागर हुई है उसपर गंभीरता से कार्य करते हुए उसमें सुधार लाएं। इसके बाद कमिश्नर ने जिला पूर्ति कार्यालय का निरीक्षण किया और अभिलेखों का अवलोकन कर पटल सहायकों से जानकारी तलब की। उन्होंने जनपद में निलंबित चल रही सरकारी कोटे की दुकानों के बारे में जानकारी ली। निर्देश दिया कि सरकारी कोटे की दुकानों का नियमित निरीक्षण कर कार्डधारकों पर शासन की मंशा के अनुरूप राशन का वितरण कराना सुनिश्चित करें। यदि राशन वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली तो उसे गंभीरता से लेते हुए कोटेदार की जांच कराई जाए। इस दौरान डीएम नवनीत सिंह, सीडीओ डा. एके श्रीवास्तव, एसडीएम सदर हीरालाल, डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र, एसडीएम मुगलसराय हर्षवर्धन उपस्थित रहे।