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स्वास्थ्य बीमा के नाम पर किसानों की सेहत पर ‘डाका’

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पीडीडीयू नगर/कंदवा। किसान स्वास्थ्य बीमा के नाम पर जिले के किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड डाका डाला जा रहा है। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक की कंदवा और धीना शाखा से तकरीबन छह सौ किसानों के कार्ड से 16 लाख रुपये स्वास्थ्य बीमा कंपनी के खाते में ट्रांसफर होने का मामला प्रकाश में आया है। किसान जब अपना खाता अपडेट कराने गये तो इसकी जानकारी हुई। इसके बाद हड़कंप मच गया है। उनका कहना है कि उनकी बिना जानकारी के ही उनके खाते से जनवरी और जून 2019 में दो हजार से पांच हजार रुपये तक कार्ड से ट्रांसफर कर दिए गए।
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सरकार की योजना के अनुसार किसानों का किसान स्वास्थ्य बीमा कराया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों को दी गई है। बीमा कंपनियां बैंकों से संपर्क कर उनकी शाखा में किसानों के बने किसान क्रेडिट कार्ड के आधार पर किसानों का बीमा कर रही है। कंदवा और धीना स्थित काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड बनवाए किसानों का कहना है कि बिना उनकी अनुमति के ही उनके कार्ड से बीमा कंपनी के खाते में धन भेज दिया गया है और उनको इसकी जानकारी तक नहीं दी गई। इसमें कंदवा के कम्हरिया शाखा में चार सौ और धीना में करीब दो सौ किसानों का स्वास्थ्य बीमा कराया गया है। बताया जा रहा है कि किसानों के स्वास्थ्य बीमा के नाम पर इस तरह का खेल चंदौली सहित वाराणसी, भदोही और जौनपुर में भी खूब हुआ है।
बोले किसान
मेरे नाम से केजीबी कंदवा-कम्हरिया शाखा में 1.7 लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बना है। मुझे बिना जानकारी दिए मेरे खाते से 2780 रुपये स्वास्थ्य बीमा के नाम पर काट दिया गया। राम इकबाल सिंह, किसान-ओयरचक
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केजीबी कम्हरिया से 1.5 लाख रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया हूं। कब, किसने स्वास्थ्य बीमा किया इसका मुझे पता तक नहीं चला और खाते से पैसा कट गया। रामराज उपाध्याय-ओयरचक
केजी बैंक से 2.50 लाख का क्रेडिट कार्ड बना है। 10 दिन पहले खाता अपडेट कराने गया तो पता चला कि 10 जून को 4903 रुपये स्वास्थ्य बीमा के नाम पर बीमा कंपनी के खाते में कट गया है। जबकि बैंक और बीमा कंपनी की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। अरविंद सिंह, तेल्हरा
कंदवा-कम्हरिया शाखा से 73 हजार का क्रेडिट कार्ड बना हुआ है। जनवरी में 2780 रुपये स्वास्थ्य बीमा के नाम पर कट गए। बिना जानकारी के ही पैसे काट लिए गए। रामबचन कुशवाहा, ओयरचक
कोट...
किसान स्वास्थ्य बीमा भारत सरकार की योजना है। रेलीगेयर सहित कई बीमा कंपनियों से किसानों की सहमति से उनका स्वास्थ्य बीमा कराया जा रहा है। यदि किसी किसान से बिना अनुमति के बीमा कराया जा रहा है तो इसकी जांच कराकर शाखा प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नवीन श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रबंधक, काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक
किसानों की सहमति से ही उनका स्वास्थ्य बीमा कराया जा रहा है। साथ ही उनकी सहमति से ही खाते से पैसा काटा गया है। किसान शिकायत करते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी, जो जिम्मेदार होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पीके ओझा, एलडीएम, चंदौली
02- खाते से पैसे काटे जाने पर किसान नाराज, मिलेंगे डीएम से
कंदवा। किसान युवा विकास मंच के सदस्यों की बैठक रविवार को अमड़ा स्थित प्रगतिशील इंटर कालेज में हुई। इसमें बैंको द्वारा स्वास्थ्य बीमा के नाम पर किसानों के खाते से 2700 से लेकर 4900 रुपये काटे जाने की निंदा की गई। साथ ही इसमें 16 अक्टूबर को जिलाधिकारी से मिलने का निर्णय लिया गया।
इंदल सिंह बाबा ने कहा कि क्षेत्र के बैंकों द्वारा बिना बताए किसानों के खाते से स्वास्थ्य बीमा के नाम पर पैसा काट लिया गया है। यह किसानों के साथ घोर अन्याय और छलावा है। धर्मेंद्र सिंह, अरुण सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को छलने का काम कर रही है। किसान 16 अक्टूबर को जिलाधिकारी से मिलकर इसकी उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की करेंगे। बैठक में कालका सिंह, रतन सिंह, बसंत सिंह, महेश्वर सिंह, पवन सिंह, धर्मेंद्र उपाध्याय, संतोष शर्मा मौजूद रहे। ब्यूरो
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रिपोर्ट-जय नारायण- सुनील सिंह
संपादन-जय नारायण
बाइट- 945
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