सकलडीहा। स्थानीय तहसील मुख्यालय पर शुक्रवार को दर्जनों की संख्या में पहुंचे मछुआरा समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। मछुआरे जीविकापार्जन के मुख्य श्रोत गंगा नदी में मछली मारने पर संकट मंडराने और मत्स्य विभाग की ओर से मत्स्य आखेट नीलामी की तिथि घाषित करने का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन के बाद उन्होंने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
मछुआरा समाज के लोगों ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने मछुआ समाज को सभी छोटी और बड़ी नदियों में मत्स्य आखेट का अधिकार दिया है। इसके बाद भी जनपद के मत्स्य पालन विभाग के सहायक निदेशक ने गंगा नदी में मछली मारने के लिए विगत 10 जनवरी 2019 को नीलामी करने का आदेश जारी किया है। विभाग ने बीते 19 सितंबर को एक विज्ञापन प्रकाशित कर आगामी 11 नवंबर को नीलामी की तिथि निर्धारित कर दी है। यह मछुआरा समाज के जीविकापार्जन के साथ खिलवाड़ है। कहा कि यदि गंगा नदी में मछली मारने के लिए पट्टा कर दिया गया तो गंगा नदी के किनारे बसे असंख्य गरीब व असहाय मछुआरा समुदाय के परिवार भूखों मरने की कगार पर पहुंच जाएंगे। इसके बाद भी हमें गंगा से दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। नीलामी के बाद उनके जीविकापार्जन का मुख्य श्रोत समाप्त हो जाएगा। इस संबंध में एसडीएम विजय नारायण सिंह ने बताया कि मछुआ समाज के लोगों की मांग पर विचार करने के लिए तहसीलदार को निर्देश दिया गया है। प्रदर्शन करने वालों में अनिल, विजय, विजयी, शिवजीत, जितेंद्र, प्रभावती, चंचला, कौशिल्या, तिलकधारी, माधुरी, प्रियंका, बेचनी, रीता शामिल रहे।