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घटाव की ओर बाढ़ का पानी लेकिन दुश्वारियां बरकरार

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पीडीडीयू नगर। गंगा का जलस्तर रविवार की दोपहर बाद 71.95 मीटर तक पहुंचने के बाद स्थिर हो गया। इसके साथ ही अब बाढ़ का पानी घटाव की ओर है। बाढ़ का पानी थमने और धीमी गति से कम होने के बाद बाढ़ ग्रस्त इलाकों के बाशिंदों की चिंताएं कम हुई हैं मगर अभी भी दुश्वारियां बरकरार है। घरों में पानी भरा है। अब भी कई इलाकों में लोग छतों पर रात गुजार कर रहे हैं को कई परिवार शिविरों में शरण लिए हुए हैं। सरकारी राहत के नाम पर शिविरों में लोगों को भोजन तो जैसे-तैसे मिल रहा है लेकिन पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है। वहीं जो लोग शिविर में नहीं पहुंचे हैं और अपने घरों की छतों पर है उन्हें अब तक कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी है। उन लोगों का कहना है कि उनका हालचाल लेने कोई सरीकारी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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धानापुर संवाददाता के अनुसार दीया, प्रसहटा सहित कई गांवों में अब भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने हिंगुतरगढ़ में बने राहत शिविर का दौरा किया। वहां ग्रामीणों ने मदद न होने की शिकायत की। मौके पर विधायक के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि और किसान नेता अंजनी सिंह ने जरूरी वस्तुओं का पीड़ितों को वितरित किया। विधायक ने जिला प्रशासन के अफसरों से बात कर मदद करने के लिए कहा।
चहनिया संवाददाता के अनुसार मारुफपुर बाढ़ राहत शिविर में पीड़ित पशुओं के चारे की व्यवस्था को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है हरे चारे डूब चुके हैं। घर में रखा भूसा पानी में भींग चुका है। सबसे अधिक दिक्क्त पशुओं के चारे की है। शिविर में 10-12 पशुओं के लिए 10-15 किलो भूसा दिया जा रहा है। शिविर में रह रहे राम सूरत, राम अशीष, दरोगा यादव का कहना है कि सहायता के नाम पर सरकार और प्रशासन खानापूर्ति कर रहे हैं। मिट्टी का तेल, माचिस, पीने के पानी, कुछ भी नहीं दिया जा रहा है।
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वहीं दूसरी ओर सकलडीहा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने सोमवार को बाढ़ क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों का हाल जाना। मकूनपुर गांव के लोग मारूफपुर स्थित बाबा कीनाराम मठ के परिसर में आश्रय बनाकर रह रहे हैं। उनकी स्थिति देखकर विधायक नेलेखपाल पर नाराजगी जताई। वहीं शेरपुर, सरैया, भूसौला गांव बाढ़ से घिरने के चलते अभी भी चारे का संकट बना हुआ है। प्रशासन की ओर से भूसा दिया जा रहा है मगर पर्याप्त नहीं है। विधायक ने डीएम से फोन पर समस्याओं से अवगत कराया और मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान सुभाष यादव, रवि प्रकाश, प्रधान सुभाष यादव, ओमप्रकाश, मौजूद रहे।
वहीं एसडीएम राम सजीवन मौर्य और सीओ प्रदीप सिंह चंदेल ने बाढ़ ग्रस्त इलाकों में चौपाल लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी। सोमवार को बाढ़ क्षेत्र गुरैनी, नरौली, सुनौली, नगवा, मेढ़वा, कवलपुरा, प्रहलादपुर और त्रिमुकरन में बाढ़ पीड़ितों को मिट्टी का तेल, राशन सामग्री का वितरण किया गया। आपूर्ति विभाग के एआरओ विवेक श्रीवास्तव, सप्लाई इंस्पेक्टर राजेश मिश्रा, गुलाब साबिर, राजकुमार, स्वप्न तिवारी मौजूद रहे।
इसी तरह पड़ाव क्षेत्र में भी लोग पानी कम होने से राहत की सांस ली है मगर अभी पानी होने से आवागमन में दिक्कत है। रतनपुर, बहादुरपुर, कटेसर, मढ़िया में अब भी पानी लोगों के घरों में भरा हुआ है। इससे लोगों को दिक्कत है। प्रशासन ने नाव लगाकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं दुलहीपुर संवाददाता के अनुसार कुंडा कला, कुडा खुर्द, मवई कलां, भिसौड़ी में भी दिक्कतें बरकरार हैं।
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