सैयदराजा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सैयदराजा स्थित वन रेंज कार्यालय से बालू लदी गाड़ियों से अभिवहन शुल्क वसूलना शनिवार से बंद कर दिया गया है। यह जानकारी डीएफओ आशुतोष जायसवाल ने दी है। बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में यह निर्णय लिया गया है।
कहा कि गुरुवार की रात से बालू लदे वाहनों से अभिवहन शुल्क लेने के लिए विभाग को मना कर दिया गया है। पहले बिहार से बालू लादकर आने वाले ट्रकों से 38 रुपये प्रति घनफुट की दर से वन विभाग अभिवहन शुल्क वसूलता था। इससे सरकार को काफी राजस्व मिलता था। सुप्रीम कोर्ट ने लगभग एक वर्ष पूर्व अपने एक आदेश में वन क्षेत्र से लदे बालू के वाहनों से ही अभिवहन शुल्क वसूलने का निर्देश दिया था। यह आदेश भी दिया था कि अगर बालू वन क्षेत्र के बाहर से लदकर आता है तो उनसे वन विभाग को अभिवहन शुल्क लेने का कोई अधिकार नहीं है। डीएफओ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानते हुए अभिवहन शुल्क लेने से विभाग को मना कर दिया है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार बालू लदी गाड़ियों से अभिवहन शुल्क लेने से मना कर दिया गया है लेकिन कोयले की गाड़ियों से ट्रांजिट शुल्क वसूलना जारी रहेगा।