पड़ाव/ सकलडीहा। पड़ाव चौराहा स्थित श्रीसर्वेश्वरी समूह व सकलडीहा के आदि आश्रम हरिहरपुर, कस्बा के अभेद आश्रम और मनिहरा कीर्ति स्थल पर शनिवार को धूमधाम से आश्रम का 59वां स्थापना दिवस मनाया गया। इस दौरान आश्रमों से विधि-विधान के साथ प्रभात फेरी निकाली गई व सफल योनी का पाठ किया गया। शाम को विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
पड़ाव में आयोजित गोष्ठी में संस्था के अध्यक्ष गुरुपद संभव राम जी ने कहा कि परमपूज्य अघोरेश्वर महाप्रभु ने जिस उद्देश्य से इस संस्था कीस्थापना की है, उसमें सबसे प्रमुख यही है कि आचरण-व्यवहार और चरित्र कोउनके द्वारा दिखाए गए आदर्शों के अनुरूप रखा जाए। महामाया के मोह के चलते लोगयहां आने के बाद भी दुखी और प्रताड़ित होते हैं। दूसरों को भाषण याउपदेश देने के लिए इस संस्था कि स्थापना नहीं की गई है। आत्मबल कमजोर होने पर लोग कईतरह के कुकृत्यों को करते हुए अगौरव के भागी हो जाते हैं। मनुष्य का जीवन बड़े हीसौभाग्य से हमे मिला है। इसको विवेक से जीना चाहिए। इससे पूर्व आश्रम से प्रभातफेरी निकाली गई जो मैदागिन,लहुराबीर, नदेसर, कचहरी, पांडेयपुर होते हुए अघोरटेकरी सारनाथ तक गई। यहां संस्था के मंत्री डा. एसपी सिंह ने अघोरेश्वर की चरण पादुका का पूजन करसर्वेश्वरी ध्वजारोहण किया। प्रभातफेरी के वापस आश्रम पहुंचे पर बाबा संभव राम ने सर्वेश्वरीध्वजोतोलन व पृथ्वीपाल ने सफलयोनी का पाठ किया। दोपहर में भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।इस मौके पर आईडीसिंह, सुरेश सिंह, पारस नाथ यादव, डा. आरकेसिंह, राजीव कुमार, धर्मेंद्र गौतम, अरविंद कुमार, हरिहरयादव, ओमप्रकाश तिवारी मौजूद रहे।
वहीं सकलडीहा के आदि आश्रम हरिहरपुर में आयोजित गोष्ठी में अनामि पांडेय ने कहा महाप्रभु भगवान अवधूत राम ने इसी दिन श्री सर्वेश्वरी समूह की वर्ष 1960 में स्थापना की थी। उन्होंने कहा था कि जिस घर में मातृशक्ति की पूजा होती है उसमें सदैव खुशहाली बनी रहती है। कहा कि मित्र बनाने में उतना समय नहीं लगता जितना शत्रु बनाने में लगता है। इसके पूर्व अभेद और आदि आश्रम से शेखर बाबा और शिवाजी के नेतृत्व में प्रभातफेरी निकाली गई। इस दौरान सफल योनी का पाठ सहित प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर रविंद्र प्रताप सिंह, पोप सिंह, नवल किशोर, मंटू सिंह, अभय सिंह, वशिष्ट सिंह, अवधेश सिंह, अमित सिंह, गीता देवी मौजूद रहे।