जिलाधिकारी ने किसान दिवस में प्राप्त बिजली बिल संशोधन, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) तथा राजस्व संबंधी शिकायतों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसान पूरे वर्ष की आजीविका धान की फसल पर निर्भर रहती है, इसलिए प्रशासन की जिम्मेदारी है कि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
बैठक में जिला उद्यान अधिकारी शैलेंद्र दुबे ने किसानों को बताया कि मखाना बीज अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है तथा सिंघाड़े के बीज भी शीघ्र उपलब्ध होंगे।
किसान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) राजेश कुमार, एडीएम (न्यायिक) रतन वर्मा, उप कृषि निदेशक भीमसेन, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव, सिंचाई एवं विद्युत विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
किसानों ने उठाए ये प्रमुख मुद्दे
- नहरों के टेल तक पानी नहीं पहुंचना
- हेड पर पानी रोके जाने की शिकायत
- बंधियों पर मत्स्य पालन के नाम पर अतिक्रमण
- कृषि फीडरों पर लो-वोल्टेज की समस्या
- डीएपी और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता
- विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि का उचित मुआवजा
- गंदा नाला की सफाई
- बिजली बिल संशोधन व केसीसी संबंधी समस्याएं
किसान हमारे अन्नदाता हैं। धान रोपाई के इस महत्वपूर्ण समय में खाद, पानी या बिजली की कमी के कारण किसी भी किसान को परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी अधिकारी फील्ड में उतरकर व्यवस्थाओं की निगरानी करें।
-चंद्र मोहन गर्ग, जिलाधिकारी, चंदौली