पीडीडीयू नगर। बारिश के बाद जिले में शीत लहरी का प्रकोप शुरू हो गया है। मंगलवार को दिन भर बदली और शीतलहरी का प्रकोप रहा। इसके चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए। दिन भर 10 किमी की रफ्तार से हवा चलती रही। ऐसे में गर्म कपड़ों से लदे लोग भी ठिठुरते नजर आए और अलाव तापते रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री रहा। आर्द्रता 60 प्रतिशत रही। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों को हुई। पिछले दिनों बारिश के बाद हिमालयन रेंज में हुई बर्फबारी ने इलाके में ठंड बढ़ा दी है। मंगलवार की सुबह बदली संग बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपकंपा दिया। इससे रजाई से बाहर निकलने में परेशानी हुई। ठंड की वजह से स्कूल जाने वाले बच्चों को परेशानी हुई। अभिभावक बच्चों को पूरे कपड़ों में लादकर स्कूल भेजा। हालांकि वाहनों में बैठे बच्चे शीतलहरी में कांपते हुए स्कूल पहुंचे। इसी तरह ऑफिस जाने वालों को भी परेशानी हुई। घरों में लोग दिन भर अलाव तापते रहे। दोपहर बाद बदली छटी और थोड़ी देर के लिए धूप खिली लेकिन यह अधिक देर तक नहीं रहा। तीन बजते बजते एक बार फिर बादलों ने सूरज को अपनी आगोश में ले लिया। नगरीय और ग्रामीण इलाकों में अलाव नहीं जलाए गए हैं। इससे यात्रियों, रिक्शा चालकों को परेशानी हुई। जगह-जगह लोग कागज, कूड़ा करकट बटोर कर अलाव जलाकर तापते रहे। चकिया संवाददाता के अनुसार हिमालयन रेंज में भारी बर्फबारी तथा हवाओं के चलते मंगलवार की सुबह बदली तथा ठंड में लिपटी रही। नगर पंचायत की ओर से अलाव जलाने की व्यवस्था की गई थी। इसके आस-पास लोगों का जमावड़ा लगा रहा। पर्वतीय वन क्षेत्रो में भी ठंड के चलते जनजीवन सिकुड़ा रहा तथा आम लोग अलाव के सहारे रहने को मजबूर रहे।
ठंड लगने से महिला की मौत
कंदवा। बेमौसम बारिश से धान के खेतों में लगे पानी से अपनी फसल को बचाने के चक्कर में बरहनी विकास खंड के भुआलपुर जेवरियाबाद गांव निवासी नन्हकी प्रजापति (55) पत्नी गुल्लू प्रजापति खेतों में कटाई के बाद पानी में डूबी फसल निकालने के दौरान सोमवार को ठंड लग गई और इलाज के दौरान मंगलवार की भोर में जिला अस्पताल में मौत हो गई। बरहनी विकास खंड के भुवालपुर जेवरियाबाद गांव निवासी नन्हकी देवी प्रजापति पत्नी गूल्लू प्रजापति गांव के ही एक व्यक्ति का करीब 3 बीघा खेत बटाई पर लिया हुआ। उसमें धान की फसल रोपी गई थी। बारिश से पूर्व खेतों में लगी फसल की हाथ से कटाई हो चुकी थी, लेकिन फसल खलिहान में जाने से पूर्व ही हुई झमाझम बारिश से खेतों में हाथ से कटी से फसल पानी में डूब गई। मौसम खुला देख मृतका अपने घर वालों के साथ खेतों में पड़ी धान की फसल को बांधकर निकालने में जुटी हुई थी। इसी दौरान सोमवार को उसे ठंड लग गई और महिला के सीने मे दर्द शुरु हुआ। तबीयत बिगड़ता देख परिवार वाले इलाज के लिए जिला अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने इलाज शुरू कर दिया, लेकिन मंगलवार की भोर में महिला की मौत हो गई। महिला की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। महिला को 3 पुत्र व चार पुत्रियां हैं। इसमें से दो पुत्रियों और दो पुत्रों की शादी हो चुकी है। जबकि एक 9 वर्षीय पुत्र अभी नाबालिग है। ग्राम प्रधान भोलानाथ सिंह ने जिला प्रशासन से अहेतुक सहायता राशि दिए जाने की मांग की है। वहीं चिकित्सकों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा।