पीडीडीयू नगर। यात्रियों को समय से गंतव्य तक पहुंचाने और समय में बचत के लिए रेलवे ने अब ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है। इस क्रम में शनिवार को पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर जोन के पीडीडीयू जंक्शन-गया रेलखंड पर 22 एलएचबी कोच वाली स्पेशल ट्रेन को पीडीडीयू जंक्शन से धनबाद तक 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर ट्रायल किया गया। यह ट्रेन 404 किमी की दूरी 4.40 मिनट में तय की। ट्रायल की सफलता से मंडल के अधिकारी गदगद हैं। सफल ट्रायल के बाद बढ़ी गति से चलाने के लिए एक दर्जन ट्रेनों के चयन की प्रक्रिया भी रेलवे ने शुरू कर दी गई है।
अति व्यस्त रेल रूट में शामिल हावड़ा-दिल्ली रूट पर वर्तमान में एक्सप्रेस ट्रेनें 110 और राजधानी 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ रही हैं। लेकिन अब दोनों की प्रतिघंटे 10 किमी की रफ्तार बढ़ाने के लिए सुबह 7:30 बजे स्थानीय रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या आठ पर परिचालन से जुड़े विभागीय अधिकारी एकत्र हुए। यहां 22 एलएचबी कोच वाले ट्रायल ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का गवाह बनने के लिए डीआरएम पंकज सक्सेना, वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक राकेश रोशन, सीनियर डीईएन टू आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारियों की टीम स्पेशल ट्रेन से गया रवाना हुई। वही धनबाद से डीआरएम सहित अन्य अधिकारी स्पेशल ट्रेन से गया पहुंचे। स्पेशल ट्रेन 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलकर दो घंटे में गया पहुंच गई। ट्रेन गया में बिना रुके 12:10 पर धनबाद पहुंची। ट्रेन ने स्थानीय जंक्शन से धनबाद तक 404 किलोमीटर की दूरी चार घंटे 40 मिनट में पूरी की। ट्रायल ट्रेन की इस सफलता पर अधिकारियों की टीम गदगद नजर आई। रेल अधिकारियों की माने तो ट्रायल ट्रेन के सफल संचालन के बाद जल्द ही इस रूट पर एलएचबी कोच वाले ट्रेनों की रफ्तार 110 की जगह 120 और राजधानी की रफ्तार भी 120 से बढ़ाकर 130 किमी की जाएगी। इस रेल रूट पर प्रतिदिन राजधानी सहित 100 से अधिक दौड़ने वाली ट्रेनें एलएचबी कोच में तब्दील हो चुकी हैं। एलएचबी कोच सुरक्षित और तेज रफ्तार से दौड़ने में सक्षम होते है।
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एलएचबी कोच वाली ट्रेन को 130 किमी की रफ्तार से चलाकर ट्रायल किया गया है। ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। अब वर्तमान में 110 किमी की रफ्तार से चल रही ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाकर 120 और राजधानी की रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा कर दी जाएगी। जल्द ही इसका असर ट्रेनों की बढ़ी रफ्तार के रूप में दिखेगा। पंकज सक्सेना, डीआरएम, मुगलसराय।