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सांची ज्योतों वाली माता, तेरी जय जयकार...

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पीडीडीयू नगर। प्रेम से बोलो जय माता दी, सारे बोलो जय माता दी..., प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी, तूने मुझे बुलाया शेरावालिए, जय मॉं शेरावाली के जयघोष से दोपहर से लेकर रात तक दुर्गा पूजा पंडाल गुंजायमान रहे। मां के दर्शन और चरणों में शीश झुकाने के लिए नवरात्रि और दुर्गा पूजा मेला के अंतिम दिन सोमवार को महानवमी पर पंडालों में आस्था का रेला ऐसा कि तिल रखने की जगह नहीं थी। दोपहर के बाद से पंडालों में भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ तो पूरी रात भक्तों की कतार नहीं थमी। दर्शन पूजन के बाद भक्तों ने मेले का खूब लुत्फ उठाया।
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नगर के आरपीएफ कालोनी स्थित काली मंदिर, इंडियन इंस्टीट्यूट मैदान, राम मंदिर, गया कालोनी, मानस नगर, सेंट्रल कालोनी, अमोघपुर, लोको कालोनी, बिछुआ मंदिर, सिकटिया, डीजल कालोनी, गल्ला मंडी, लाठ नंबर एक, लाठ नंबर दो, परमार कटरा, जायसवाल भवन, नई सट्टी, अफीम कोठी रोड, चंदासी मंडी, पड़ाव में बने भव्य पंडालों में सोमवार की दोपहर बाद दर्शनार्थिर्यों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। शाम गहराने के साथ ही भीड़ बढ़ती गई और भीड़ दर्शनार्थियों की भीड़ को संभालने में पुलिस को पसीने बहाने पड़े। दर्शन पूजन के बाद दर्शनार्थियों में मेले का खूब आनंद उठाया। खिलौने, गुब्बारे के साथ चरखी, ब्रेकिंग डांस, ड्रैगन ट्रेन, डिस्को झूला, मिकी माउस, ट्वाय ट्रेन आदि का खूब लुत्फ लिया। भीड़ की वजह से झूलों वालों ने रेट बढ़ा दिए लेकिन झुलने वालों की संख्या में कमी नहीं आई। दर्शनार्थियों ने चाट, पकौड़े, गोलगप्पा, चाऊमिन, मंचूरियन, दक्षिण भारतीय व्यंजन आदि का भी खूब आनंद लिया। इस दौरान यहां सुरक्षा के इंतजाम रहे।
पीडीडीयू नगर। शारदीय नवरात्र के अंतिम दिन महानवमी पर भक्तों ने माता सिद्धीदात्रि की पूजा अर्चना की। घरों में पुरोहितों को बुलाकर स्थापित कलश के समीप हवन पूजन किया और माता की भव्य आरती उतारी। इसके बाद देवी स्वरूप नौ कन्या का पूजन अर्चन कर भोजन कराया और दक्षिणा दी। जिन्होंने कलश स्थापित नहीं किया था, उन्होंने भी हवन पूजन कर व्रत का परायण किया। देवी मंदिरों पर भी पूजन अर्चन के लिए भीड़ रही।
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शक्ति उपासना का महापर्व नौ दिवसीय नवरात्र के नौवें और अंतिम दिन घरों में विशेष पूजा अर्चना की गई। घरों में विधि विधान से माता सिद्धीदात्री की पूजा अर्चना की गई। चुनरी, साड़ी, फल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य, चुनरी आदि अर्पित की। इसके बाद माता के बीजक मंत्र, दुर्गा सप्तशति के मंत्र, कवच, अर्गला के मंत्रों से यज्ञ कुंड में आहुति दी। इसके बाद माता की भव्य आरती उतारी। इसके बाद नौ छोटी लड़कियों को देवी स्वरूप मान कर पूजा अर्चना की। कन्याओं के साथ एक बालक को भैरो के रूप में पूजा की और और भोजन कराया। इसके बाद दक्षिणा देकर आशीर्वाद लिया। देवी मंदिरों पर भी भक्तों की भीड़ रही। नगर के जीटी रोड स्थित प्राचीन मां काली मंदिर, रविनगर, नई बस्ती, कैलाशपुरी, कैथापुर, शाहकुटी, परशुरामपुर, अमोघपुर, गल्ला मंडी, एलबीएस कटरा स्थित संकट हरण दरबार आदि देवी मंदिरों पर व्रती महिलाओं की पूजन अर्चना के लिए भीड़ जुटी। इसी तरह रेलवे के आरपीएफ कालोनी, गया कालोनी, प्लांट डिपो कालोनी, लोको कालोनी, यूरोपियन कालोनी, डीजल कालोनी सहित विभिन्न कालोनियों में स्थित देवी मंदिरों पर सुबह से ही पहुंचे भक्तों की कतार लगी। मंदिरों पर भी हवन पूजन का सिलसिला देर शाम तक चलता रहा। दिन भर घंट घड़ियाल बजते रहे और माता के जयकारे की गूंज होती रही।
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