माटीगांव में उत्खनन स्थल का निरीक्षण करते भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी
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चंदौली। माटीगांव में चल रहे उत्खनन की गतिविधियों की जानकारी लेने के लिए बुधवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधिकारियों ने दौरा किया। लोगों ने खुदाई में मिले अवशेषों तथा उत्खनन स्थल को देखने के बाद अवशेषों को ऐतिहासिक बताया। इसके राज्य पुरातत्व के लोगों ने भी खुदाई वाले स्थान का सर्वे किया। वहीं खुदाई के चलते जमीन में दबे हुए प्राचीन मंदिर का ढांचा साफ दिखाई देने लगा है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के डा. नीरज कुमार सिन्हा, डा. अनिल कुमार, डा. राकेश कुमार बुधवार को माटीगांव स्थित प्राचीन शिवमंदिर परिसर पहुंचे। लोगों ने उत्खनन की गतिविधियों को देखने के बाद संतोष जताया। बताया कि गांव की प्राचीनता का अनुमान खुदाई में मिले अवशेषों होगी। अभी तक मिले साक्ष्य हजारों वर्ष पुराने होने की संभावना है। इसके बाद राज्य पुरातत्व के डा. सुभाषा यादव ने माटीगांव में हो रहे खुदाई का सर्वे किया। उन्होने संभावना व्यक्त किया कि खुदाई के दौरान महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अवशेष मिलेंगे। क्योकि अभी तक मिले साक्ष्य पुरानी सभ्यता के मौजूद होने का प्रमाण है। वहीं बुधवार को खुदाई के दौरान प्राचीन मंदिर का ढांचा साफ दिखने लगा। इसके अलावा नक्काशीदार ईंटे मिली। जो प्राय: गुप्ताकाल में भवन और मंदिर निर्माण में प्रयोग किया जाता था। खुदाई करा रहे बीएचयू पुरातत्व विभाग के प्रो. विनय कुमार ने बताया माटीगांव की ख्याति काफी दूर तक है। लेकिन खुदाई में मिले साक्ष्यों के आधार में गांव की पहचान पूरे देश में होगी। उत्खनन टीम में डा. एके दुबे, राहुल कुमार त्यागी, अभिषेक कुमार सिंह, परमदीप पटेल शामिल है।