सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि यदि वीरेंद्र यादव पर हमला हुआ था, तो वह घटना आखिर कब और किस परिस्थिति में हुई। हालांकि, वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और यह जांच का विषय बना हुआ है।
इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। क्षेत्राधिकारी सकलडीहा शिव अरुण सिंह ने बताया कि दोनों मुकदमे दर्ज हैं और सभी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस मामले में वायरल सीसीटीवी फुटेज ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है, जबकि पुलिस पूरे प्रकरण की हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।