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Chandauli News: बिहार की सीमा से सटे जिले में 16 चौराहों-तिराहों पर नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे, तीन चौराहों के खराब

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टांडाकला तिराहे नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा। संवाद
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पीडीडीयू नगर। बिहार की सीमा से सटे जिले चंदौली जिले के चौराहों और बाजारों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था खुद निगरानी की मोहताज है। पीडीडीयू नगर में जिला पंचायत की मदद से 10 से ज्यादा स्थानों पर लगाए गए फुल एचडी कैमरों में कई गायब हैं। वहीं, इलिया चौराहे, बेन चौराहे और परमंदापुर चौराहे पर लगे कैमरे खराब हैं।
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सकलडीहा, चहनिया, टांडा-सोनबरसा, अलीनगर और दुलहीपुर क्षेत्र के प्रमुख बाजारों और 16 चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए ही नहीं गए। ऐसे में वारदात होने के बाद पुलिस निजी कैमरों के भरोसे जांच करती है।
चंदौली के ज्यादातर हिस्से बिहार की सीमा से सटे होने के कारण संवेदनशील हैं। इन इलाकों से शराब और पशुओं की तस्करी के मामले आए दिन पकड़े जाते हैं।वहीं, पीडीडीयू नगर में रोज बड़ी संख्या में बाहरी लोगों की आवाजाही होती है। तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी पुलिस के लिए चुनौती रहती है। ऐसे में प्रमुख बाजारों और चौराहों पर सरकारी कैमरों का न होना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है।
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पीडीडीयू नगर में पुरानी काली मंदिर मार्ग और चंदासी तिराहे पर लगे कैमरे गायब हैं। चतुर्भुजपुर, नई बाजार, तुलसी आश्रम, चांदनी बाजार, करवत तिराहा, भितरी बाजार, भुपौली, कैली, ताराजीवनपुर, कुछमन, रमौली, मथेला, बलुआ, मोहरगंज, मारूफपुर, पकौरा समेत 16 चौराहों-तिराहों पर कैमरे लगाए ही नहीं गए।
वारदात के बाद निजी कैमरों के भरोसे रहती है पुलिस: जिले के कई बाजारों में सरकारी कमरों की व्यवस्था नहीं होने के कारण पुलिस को निजी प्रतिष्ठानों पर लगे कैमरों का सहारा लेना पड़ता है। किसी तरह की वारदात के बाद पुलिस आसपास की दुकानों और मकानों में लगे कैमरों की फुटेज के सहारे जांच करती है। निजी कैमरों का कोण घटनास्थल की ओर न होने या फुटेज सुरक्षित न रहने पर जांच में मदद नहीं मिल पाती।

टांडाकला तिराहे नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा। संवाद

टांडाकला तिराहे नहीं लगा सीसीटीवी कैमरा। संवाद

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