इसी क्रम में शुक्रवार की रात लगभग 3 बजे डाउन अकालतख्त एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंची। इस दौरान जीआरपी एसआई स्वतंत्र सिंह की देख रेख में संयुक्त टीम ट्रेन के एसी कोच ए 1 की तलाशी ली गई। इसमें दो व्यक्ति तीन बैग के साथ संदिग्ध हाल में दिखे। बैग की जांच की गई तो उसमें नकदी बरामद हुआ।
दोनों ने पैसे के बारे में कोई कागजात नहीं दिखा। दोनों ने अपना नाम क्रमश: रितेश पटेल निवासी ठाकुरगंज जिला लखनऊ और प्रिग्नेश निवासी मेटपुर, खंभाट जिला आणंद गुजरात बताया। दोनों को पकड़ बैग के साथ कोतवाली लाया गया।
यहां रुपयों की गिनती गई तो 1.75 करोड़ रुपये मिले। जीआरपी ने इसकी सूचना आयकर विभाग वाराणसी को दी। मौके पर पहुंची आयकर विभाग की टीम रुपये और आरोपी केा अपने साथ ले गई। सीओ ने बताया कि आगे की कार्रवाई और जांच पड़ताल आयकर विभाग की टीम करेगी।
चुनाव में तो नहीं खपाए जाने थे रुपये
बंगाल में विधान सभा चुनाव की आहट शुरु हो चुकी है। एक तरफ एनडीए किसी हाल में चुनाव में जीत दर्ज करना चाहती है। वहीं तृणमुल कांग्रेस के लिए विधान सभा चुनाव साख का सवाल है। ऐसे में चुनाव में हिंसा और धन बल के प्रयोग की भी आशंका है। होली के पूर्व 1.75 करोड़ रुपये की बरामदगी से यह सवाल उठने लगा है कि इसका प्रयोग कहीं चुनाव में तो नही किया जाना था।
रुपये के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों ने बरामद रुपये के संबंध में कोई कागजात नहीं दिखा सके। इससे यह तय है कि नकदी हवाला कारोबार से जुड़ा हुआ था। सीओ कुंवर प्रभात सिंह ने बताया कि यह रुपये हवाला के जरिए लखनऊ से पश्चिम बंगाल भेजे जा रहे थे। रुपये बंगाल में कहां जाना था, किसे इसे सौंपना था, इसका पता लगाया जा रहा है।
पकड़े गए दोनों व्यक्ति को यह नहीं पता था कि रुपये किसे सौंपना है। उन्हें बताया गया था कि कोलकाता पहुंचने पर उन्हें बताया जाएगा कि पैसे किसे देने हैं। इसके बदले इन्हें रुपये मिलने थे। कहा कि जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम लगातार ऐसे लोगों पर नजर रख रही है।यही कारण है कि रुपये की खेप बरामद हो गई। किसी हाल में रुपये अथवा किसी अन्य सामान की तस्करी नहीं होने दी जाएगी।