आरपीएफ जवानों और कर्मियों के एरियर में छेड़छाड़ कर डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का गोलमाल करने के आरोपी बिलिंग क्लर्क युवराज सिंह के खिलाफ मुग़लसराय कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है। सहायक सुरक्षा आयुक्त एचएन राम के तहरीर के आधार पर लोकसेवक के विश्वास का हनन करने का मुकदमा दर्ज कर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है। गबन के मामले का खुलासा कमांडेंट की गठित टीम ने किया है।
रेलवे के वरीय मंडल सुरक्षा आयुक्त कार्यालय में तैनात बेरीखेड़ा, थाना- घाटमपुर, जिला कानपुर नगर युवराज सिंह जवानों व विभागीय कर्मियों का वेतन, एरियर आदि के भुगतान का काम करता था। वह विभागीय कर्मचारियों व जवानों के आई पास को डिकोड कर एरियर को बढ़ा कर रिपोर्ट भेज देता था। इसके बाद एरियर के बढ़े धन को अन्य खाते में ट्रांसफर कर देता था। इसकी भनक कई साल तक किसी को नहीं लगी।
आरक्षी मोहम्मद मुजीब के जुलाई से सितंबर तक वेतन भुगतान में गड़बड़ी मिली। जांच में पता चला कि वेतन भुगतान रेलवे के बजाए निजी अकॉउंट से हुआ है। इस पर कमांडेंट जेथिन बी राज ने मामले की जांच के लिए टीम गठित की। जांच में पता चला की लिपिक ने डेढ़ करोड़ से अधिक का गबन किया है। इसके बाद कमांडेट ने आरोपी लिपिक को निलंबित कर दिया मुकदमा दर्ज करावाया। इसके बाद जवानों ने पीएफ, एरियर आदि का मिलान शुरू कर दिया है।