तहसील क्षेत्र के पकड़ी गांव में राजस्व विभाग की शिथिलता का मामला सामने आया है। एक क्षेत्रीय लेखपाल पर आरोप है कि उसने एक जीवित युवक को कागजों में मृत दिखाकर उसकी जमीन उसके पट्टीदार के नाम वरासत कर दी। पीड़ित अब अपनी जमीन वापस पाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।
चहनिया विकास खंड के पकड़ी गांव निवासी पप्पू निषाद मुंबई में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। पप्पू का आरोप है कि पिछले वर्ष सितंबर में गांव के ही एक पट्टीदार ने लेखपाल से मिलीभगत कर उन्हें राजस्व अभिलेखों में मृत घोषित करा दिया और उनकी पूरी जमीन अपने नाम दर्ज करा ली। जब पप्पू को इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली, तो वह तत्काल गांव लौटे और ग्राम प्रधान सहित संबंधित अधिकारियों को अपनी जीवित होने की जानकारी दी। बावजूद इसके पिछले छह महीनों से वह अपनी जमीन वापस पाने के लिए तहसील और अन्य कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।पीड़ित ने एसडीएम कुंदन राज कपूर से मिलकर आरोपी लेखपाल और संबंधित पट्टीदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तथा अपनी जमीन वापस दिलाने की मांग की है।
इस संबंध में एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी लेखपाल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जब लेखपाल से इस मामले में पूछताछ की गई, तो उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि यह त्रुटि उससे हुई है और वह इसे जल्द ही ठीक कर देगा।