कोतवाली क्षेत्र के इंडियन इंस्टीट्यूट कालोनी से सटे रेलवे ओवर ब्रिज के
नीचे अवैध रूप से बसी मलिन बस्ती पर सोमवार को रेलवे का बुलडोजर चला।
इस
क्रम में जीटीआर ब्रिज के नीचे से लेकर कालोनी तक सड़क के किनारे लगी सभी
गुमटियों झोपड़ियों को हटाया गया। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत रेलवे
प्रशासन ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह कार्रवाई की।
भारी फोर्स के
चलते किसी ने भी अभियान का विरोध नहीं किया। जिससे लगभग आठ घंटे तक चली
कार्रवाई से पूरा एरिया अतिक्रमण से मुक्त हो गया।
स्थानीय रेलवे इंडियन
इंस्टीट्यूट कालोनी के समीप व रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे अवैध रूप से काफी
लोग झोपड़ी व पक्के मकान बनाकर रह रहे थे। जिसे लोगों ने मलिन बस्ती का नाम
दे रखा था।
चर्चा के अनुसार पुलिस की समीक्षा बैठक में यह इनपुट मिलता था
कि रेलवे में होने वाले ज्यादातर अपराधरियों के तार इसी बस्ती से जुड़े हुए
हैं। जिसे संज्ञान में लेते हुए डीआरएम विद्याभूषण व सीनियर डीएससी एसआर
गांधी ने कुछ दिनों पहले जिलाधिकारी एनके सिंह व पुलिस अधीक्षक मुनिराज जी
से वार्ता कर स्थानीय प्रशासन के सहयोग की मांग की थी। जिसके क्रम में बीते
दिनों रेलवे द्वारा अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी जारी किया था।
जिसमें
उन्होंने हिदायत दी थी कि 16 फरवरी तक अतिक्रमण न हटाये जाने पर बुलडोजर
चलाकर निर्माण ध्वस्त करा दिये जाने की चेतावनी दी थी।
इसी के अनुपालन में
सोमवार को एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा, सीओ सदर राजेश तिवारी, ईओ नगर
पालिका परिषद रमेश चंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ के सभी पोस्टों के
जवान व कोतवाली पुलिस लाव लश्कर के साथ मौके पर पहुंची और जेसीबी की मदद से
अवैध बसी बस्ती को जमींदोज कर दिया।
वहीं कालोनी की तरफ जाने वाली राम
मंदिर मार्ग पर सड़क किनारे लगी गुमटियों व दुकानों के बाहर अवैध तरीके से
निकले टिन व छज्जे को भी धराशायी कर दिया गया।
रेलवे और स्थानीय प्रशासन की
इस कार्रवाई से लोगों में दिन भर खलबली की स्थिति बनी रही। इस दौरान बड़ी
संख्या में निर्माण तोड़े गए। अभियान में रविशंकर सिंह प्रभारी आरपीएफ
वेस्ट पोस्ट, विनोद कुमार यादव कोतवाली प्रभारी मुगलसराय, आरपी सिंह एसआई
आदि रहे।