पीडीडीयू नगर। जिले मेें लोक आस्था का महापर्व डाला छठ की तैयारियां तेज हो गई हैं। घाटों पर सफाई और नाम लिखकर घाट छेका की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगर के मानसनगर स्थित मानसरोवर तालाब पर विवाद से बचने के लिए छठ पूजा समिति ने अनूठी पहल की है। आधार कार्ड लेकर नंबर लगाया जा रहा है। मंगलवार को लोगों ने लाइन लगाकर नंबर लिया। इसी क्रम में श्री सूर्य देव मंदिर मानसरोवर तालाब छठ पूजा समिति की ओर से व्रतियों की सुविधा के लिए टोकन वितरण की शुरूआत की गई है। इसके तहत यहां आधार कार्ड लेकर आने पर लोगों को घाट नंबर दिया जाएगा। इसके पूर्व तालाब को चार सेक्टरों में बांटा गया है और नंबंरिंग की गई है। समिति के अध्यक्ष कृष्णा गुप्ता ने बताया कि छठ पूजा के लिए व्रतियों को टोकन वितरित किया जा रहा है। इससे व्रती परिवार के साथ आएंगे और निर्धारित घाट पर पूजा कर सकेंगे। टोकन के कारण घाट पर स्थान घेरने को लेकर विवाद की स्थिति नहीं आएगी। वहीं मंगलवार की सुबह टोकन वितरण की शुरूआत होते ही टोकन लेने वालों की लंबी कतार लग गई।
बताया कि चार दिवसीय डाला छठ की शुरूआत 17 नवंबर को नहाय खाय से होगी। 18 नवंबर को व्रती महिलाएं शाम में घाट पूजा करेंगी और घर में पहुंच कर बखीर तैयार कर भोग लगाएंगी। 19 नवंबर की शाम निर्जल व्रती घाटों पर पहुंच कर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी। वहीं 20 नवंबर को व्रती महिलाएं घाटों पर पहुंच कर उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी। अत्यंत शुद्धता के साथ मनाए जाने वाले व्रत को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पीडीडीयू नगर में सर्वाधिक भीड़ मानस नगर स्थित मान सरोवर तालाब, आरपीएफ कॉलोनी स्थित पोखरा, जीटी रोड स्थित दामोदरदास पोखरा पर होती है। वहीं आलू मिल स्थित नहर, अलीनगर के रामजानकी पोखरा पर भी व्रतियों की भीड़ होती है। इसी तरह चकिया, नौगढ़, शहाबगंज, इलिया, नियामताबाद, दुलहीपुर, पड़ाव, धानापुर, चहनियां, सकलडीहा, चंदौली, सैयदराजा आदि में पोखरों पर तैयारी तेज है। पूजा समितियां तालाबों की सफाई में जुट गई हैं।
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ब्रह्मबाबा मंदिर पर वार्षिक शृंगार और भंडारा 18 नवंबर से
नियामताबाद। स्थानीय विकास खंड के गोधना गांव में श्री बम्ह्मा बाबा मंदिर में तीन दिवसीय डाला छठ पूजा एवं वार्षिक शृंगार महोत्सव का शुभारंभ 18 नवंबर से होगा। होगा। आयोजकों ने बताया कि 19 नवंबर की शाम में छठ व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे। इस दिन बाबा का शृंगार के बाद भंडारा होगा। 20 नवंबर की भोर में उदयाचल सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस दिन भी पूजा अर्चना कर आरती उतारी जाएगी।