दुलहीपुर। धान की खेती के लिए प्रमुख सिंचाई का साधन कुंडा पंप कैनाल है, लेकिन ट्रांसफॉर्मर जलने से 800 सौ किसानों के 363 हेक्टेयर धान की फसल की सिंचाई के लिए समस्या उत्पन्न हो गई है।
किसानों का कहना है कि पानी टेल तक नहीं पहुंच पाने के कारण सिंचाई नहीं हो पा रही है। कुंडा पंप कैनाल से कुंडाकला, कुंडा खुर्द, मलोखर, शकुराबाद, मवई, नई बस्ती, भिसौड़ी, सुल्तानीपुर सहित एक दर्जन गांवों के लगभग 800 किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। 12 अगस्त को एक ट्रासफाॅर्मर जल गया तो दूसरे ट्रासफाॅर्मर से कनेक्शन देकर पंप कैनाल को चलाया जा रहा था, लेकिन बृहस्पतिवार को दूसरा ट्रासफाॅर्मर भी जल गया और पंप बंद हो गया।
नियमताबाद ब्लॉक प्रमुख बाबूलाल यादव ने शुक्रवार को पंप कैनाल के जले दोनों ट्रासफाॅर्मर के समीप पहुंच कर वहां के किसानों से जानकारी प्राप्त कर बिजली निगम के सकलडीहा के अधिशासी अभियंता विपिन कुमार व लघु डाल सिंचाई के अधीक्षण अभियंता से बात दोनों ट्रासफाॅर्मरों को ठीक करने की मांग की। अधिशासी अभियंता विपिन कुमार ने बताया कि दो दिन के अंदर ही एक ट्रासफाॅर्मर लगाकर पंप कैनाल को आपूर्ति दे दी जाएगी। इस दौरान इन्तजार अहमद, ऐनूद्दीन अहमद, पुर्व छात्र संघ अध्यक्ष अनील यादव दाढी, चन्ना यादव, विनोद यादव, परमानंद यादव आदि।
उधर पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने डीएम चन्द्रमोहन गर्ग से कैनाल को चालू कराने के लिए बात की। उन्होंने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता आरसी श्रीवास्तव से भी वार्ता की। अधीक्षण अभियंता ने ट्रासफाॅर्मर को बदल कर जल्द चालू करने का आश्वासन दिया। संवाद