पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बहुजन मुक्ति पार्टी और विभिन्न सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने आंदोलन में भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान बीएमपी के उपाध्यक्ष अनिल कुमार त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों से बहुजन समाज और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही है।
ज्ञापन में स्मार्ट मीटरों को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए। अनिल कुमार त्रिपाठी का कहना है कि जिस प्रकार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के जरिए कथित तौर पर जनता के वोटों की चोरी की जाती है, उसी प्रकार निजी कंपनियां स्मार्ट मीटरों के माध्यम से लोगों से अतिरिक्त धन वसूल रही हैं।
प्रदर्शनकारियों ने बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। साथ ही बहुजन बाहुल्य क्षेत्रों में अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक बिजली कटौती किए जाने का भी आरोप लगाया। इसके अलावा पार्टी ने घरेलू और कॉमर्शियल गैस की बढ़ती कीमतों में कमी की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
प्रदर्शन में रामबली सत्यार्थी, बाबूलाल लोहार, भैरोनाथ, यशवंत यादव, भरत यादव अनिल कुमार त्रिपाठी (उपाध्यक्ष, चंदौली), सूरज राम और शिवभजन पाल सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।