वर्ष 2015 के चुनाव में मतदान से एक दिन पूर्व पैसे बांटने का आरोप लगते प्रभुनारायण यादव ने भाजपा विधायक सुशील सिंह और प्रत्याशी प्रभु चौहान को स्कूल में चारों तरफ से घेर लिया था। चार घंटे के की मशक्कत के बाद पुलिस ने विधायक को मुक्त कराया। चहनिया सेक्टर नंबर चार से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए प्रभुनारायण यादव के भाई अनिल यादव प्रत्याशी थे। विधायक सुशील सिंह प्रभु चौहान के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। 9 दिसंबर मतदान होना था। 8 दिसंबर की शाम भाजपा विधायक सुशील सिंह और प्रत्याशी प्रभु चौहान समर्थकों के साथ एक स्कूल के पास जनसंपर्क कर रहे थे। प्रभुनारायण यादव उनके भाई अनिल यादव सैकड़ों समर्थकों के साथ पहुंच गए और स्कूल को घेर लिया। आरोप लगाया कि मतदाताओं में पैसे बांटे जा रहे हैं। चार घंटे तक स्कूल को घेरे रखा। एसपी अमित वर्मा ने रात 12 बजे मामले को शांत कराया व प्रत्याशी और भाजपा विधायक को वहां से निकाला। प्रभु चौहान की तहरीर पर बलुआ थाने में प्रभुनारायण यादव और उनके भाई अनिल यादव पर मुकदमा दर्ज किया गया था।
दो धाराओं में दोषी, तीन में बरी
विधायक के अधिवक्ता संदीप यादव ने बताया कि प्रभुनारायण यादव और उनके भाई अनिल यादव को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में तीन धाराओं में बरी कर दिया लेकिन दो धाराओं में दोषी पाया। अदालत के फैसले के तुरंत बाद जमानत की अर्जी लगाई गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए दोनों को जमानत दे दी।