नगर सहित पूरे जिले में मंगलवार को भइया दूज का पर्व परंपरागत तरीके से मनाया गया। पूजा के क्रम में महिलाओं ने पहले भाइयों को शाप दिया और बाद में पश्चाताप में जीभ में कांटा चुभोया। महिलाओं ने गोबर का गोधन बनाया और बाद में उसमें ईंट रखकर उसे कूटा। बहनों ने भाइयों को टीका लगाकर मिठाई खिलाई और लंबी उम्र की कामना की।
महिलाओं ने यम और यमुना की कहानी सुनी और घर में पहुंच कर भाइयों का मुंह मीठा कराया। गाय का गोबर लाकर महिलाओं ने उससे गोधन तैयार किया। उसमें ओखली, सूप, सर्प, बिच्छू, युवक, युवती के स्वरूप बनाए। इसके बाद सामूहिक रूप से महिलाओं ने एकत्र होकर नई ईंट लेकर गोधन कूटा। इसके पूर्व महिलाओं ने नारियल, चना, चीनी की मिठाई आदि से पूजा की। इसके बाद गीत गाते हुए गोधन कूटा और भाइयों के दीर्घायु की कामना की। बाद में महिलाओं ने रुई की माला बनाई। नगर के चतुर्भुजपुर, काली महाल, रविनगर, कैलाशपुरी, मैनाताली, हनुमानपुर, विकास नगर, पथरा, अलीनगर, अमोघपुर, रेलवे के गया कालोनी, यूरोपियन कालोनी, मानसनगर, शास्त्री कालोनी, आरपीएफ कालोनी, इंडियन इंस्टीट्यूट कालोनी, प्लांट डिपो कालोनी, डीजल कालोनी सहित पूरे नगर में गोधन कूटा। भाइयों ने भी सुबह से उपवास रख कर बहन से टीका लगवाया और मुंह मीठा करने के बाद भोजन ग्रहण किया। बहनों ने भाइयों के लंबी उम्र की कामना की। बहनों को भाइयों ने यथा शक्ति उपहार भी दिए।