वर्षोंसे बंद पड़ा अवधूत भगवान राम रेलवे हॉल्ट सुसाइड प्वाइंट बनता जा रहा है। यहां अब तक दर्जनों लोग ट्रेन से कटकर मर चुके हैं। बावजूद इसके हॉल्ट के संचालन को लेकर जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। यहां किसी का शव मिलने के बाद लोकल व रेलवे पुलिस के बीच विवाद भी होता रहता है। अवधूत भगवान रामहॉल्ट की स्थापना वर्ष 1996 में तात्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने की थी। इसके बाद इस हॉल्ट पर लगभग पांच वर्षों तक पैसेंजर ट्रेनों का ठहराव होता रहा। बाद में राजस्व का घाटादिखाकर रेल मंत्रालय ने इसे बंद कर दिया। इसके बाद से यह सुनसान पड़ा है। जब हॉल्ट पर ट्रेनें रुकती थीं तो यहां यात्रियों के बैठने के लिए चेयर व जाने-आनेके लिए दोनों तरफ सीढि़यों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा प्रकाश, शौचालय व पेयजल की व्यवस्था भी कराई गई थी। हॉल्टबंद होने के बाद कूड़ा कचरा फेंकने और झाड़ियां जम जाने के कारण यह क्षेत्र काफीभयावह लगने लगा है। वहीं अब तकदर्जनों लोगों के ट्रेन से कटकर मरने और शवों का पाया जाना आम बात हो गई है। विगत रविवार की देर रात्रि भी एक महिला अपने तीन बच्चों संग ट्रेन से कटने यहां पहुंच गई थी। इनमें तीन तो काल के गाल में समा गए पर आठ वर्ष का मासूम चमत्कारिक ढंग से बच गया।
लोगों के कोट.......
जब तत्कालीन रेल मंत्री ने अवधूत भगवान राम के नाम पर हॉल्ट का निर्माण कराया था तो उस समय काफी रेलगाड़ीया रुकती थीं। अब हाल्ट को बंद कर दिए जाने से लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। रमेश जायसवाल, जलीलपुर।
जब सरकार ने हॉल्ट बना दिया था तो इसे बंद करने की कोई जरूरत नहीं थी। इसके बंद हो जाने से जहां लोगों को ट्रेन पकड़ने में परेशानी उठानी पड़ रही है वहीं आए दिन लाशों के मिलने का सिलसिला जारी है। जयराम पटेल, भोजपुर।
जब हॉल्ट चलता था तो यहां काफी टिकटों की बिक्री होती थी और यात्रियों केआवागमन से क्षेत्र गुलजार रहा करता था। वहीं अब यहां सिर्फ शवों को उठाने के लिए पुलिसकर्मियों की चहलकदमी दिखती है। लालचंद सेठ, भोजपुर।
अगर हॉल्ट पर ट्रेनों का आवागमन चालू रहता तो पड़ाव-रामनगर मार्ग पर लगने वाली जाम कीसमस्या न होती। अब जाम के कारण लोगों की ट्रेन छूट जाती है। हॉल्ट को अविलंब चालू कराया जाना चाहिए। राधेश्याम प्रजापति,
जलीलपुर।