सपनों का घर महंगाई के चलते सपना हो गया है। भवन निर्माण सामग्री के दाम में तेजी से इजाफा हुआ है। गिट्टी, सीमेंट व ईंटों के दाम में वृद्धि हुई है। बालू का दाम कुछ घटा है लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। सरिया, गिट्टी व सीमेंट की कीमतें पिछले साल की अपेक्षा इस साल लगभग 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। एक ट्रैक्टर गिट्टी का दाम 65 सौ रुपये से बढ़कर आठ हजार रुपये हो गया है। वहीं दो हजार ईंट का दाम भी 15 हजार से बढ़कर 17 हजार रुपये तक बढ़ गया है। इसके अलावा अन्य निर्माण सामग्री की कीमतों में उछाल से घर बनवा रहे लोगों को बड़ा झटका लगा है। लोगों ने जो बजट तय कर काम शुरू कराया था, अब उसकी लागत लगभग डेढ़ गुना बढ़ जाने से कई लोगों ने तो काम रुकवा दिया है। वहीं जिन लोगों ने निर्माण कराने की तैयारी की थी, उन्होंने भी घरों का निर्माण कार्य टाल दिया है। गिट्टी, सरिया, सीमेंट के रेट बढ़ने के साथ ही श्रमिकों और राजमिस्त्री ने भी मजदूरी बढ़ा दी है। इससे निर्माण कार्य कराने वाले बेहद परेशान हैं।
इनसेट........
डीजल महंगा होने का भी पड़ रहा असर
निर्माण सामग्री विक्रेताओं का कहना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण स्टील के रेट तेजी से बढ़े हैं। इसका असर सरिया की कीमत पर पड़ा है। वहीं डीजल का रेट बढ़ने से माल भाड़ा बढ़ा है। इस कारण भी सरिया, सीमेंट, गिट्टी, ईंट के रेट लगातार बढ़ रहे हैं।
इनसेट........
आवास योजना के लाभार्थी भी परेशान
पीएम व सीएम आवास योजना के तहत लाभार्थी को तीन किस्तों में ढाई लाख रुपये की राशि मिलती है। योजना के तहत लाभार्थी को अपने पास से कुछ राशि लगाकर आवास बनवाना होता है। इसमें लिंटर आरसीसी का डालने की बाध्यता है। आवास का प्लास्टर, फर्श तक बनवाना होता है। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों से लाभार्थियों के लिए भी घर बनाना मुश्किल हो गया है। लोग कर्ज लेकर आवास पूरा करा रहे हैं।
(बॉक्स में)-
भवन निर्माण सामग्रियों का तुलनात्मक मूल्य..........
सामग्री तीन माह पहले मूल्य वर्तमान मूल्य
ईंट (दो हजार) 15000 17000
बालू (प्रति ट्रैक्टर) 5500 5200
सीमेंट (बोरी) 375 425
सरिया ( प्रति क्विंटल) 6400 6800
गिट्टी (प्रति ट्रैक्टर) 6500 8000
मिस्त्री (रोजाना) 500 700 श्रमिक (रोजाना) 300 400