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रेल की निजीकरण की कोशिश होगी नाकाम -बीबी पासवान

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पीडीडीयू नगर। ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन प्लांट डिपो शाखा की ओर से कारखाना के मुख्य गेट पर हुई मीटिंग में रेलवे के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं 29 नवंबर से एक दिसंबर तक पूरी में आयोजित एआईआरएफ के वार्षिक अधिवेशन में अधिक से अधिक कर्मचारियों से चलने का आह्वान किया गया। मीटिंग में ईसीआरकेयू के केंद्रीय संगठन मंत्री बीबी पासवान ने कहा कि भारत सरकार की रेल को बेचने की हर कोशिश को ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन एवं ईसीआरकेयू नाकाम कर देगा। कहा कि 12 अक्तूबर को रेल कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर एआईआरएफ के आह्वान पर किए गए एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी भूख हड़ताल से ही रेल मंत्रालय की नीद उड़ गई। देश मे 60 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों के छुट्टी का आवेदन आते ही मंत्रालय में हड़कंप मच गया ! कहा कि जब भी कर्मचारियों के साथ अन्याय हुआ है यूनियन सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष की है। एक बार फिर सरकार टकराव के रास्ते पर है। रेल की संपत्तियों को बेचने की साजिश की जा रही है। कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लड़ाई जारी है। सुल्तान मोहम्मद ने कहा कि उत्पादन इकाईयों को बचाने के लिए पूरे भारतीय रेलवे पर देशव्यापी आंदोेलन और प्रदर्शन किया गया। हम उत्पादन इकाइयों को भी बचाने के लिए हर संघर्ष के लिए तैयार है। कहा कि ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन का 98 वार्षिक अधिवेशन 29 नवंबर से एक दिसंबर तक पूरी में होना है। इसमें अधिक संख्या में रेल कर्मचारियों को भाग लेना चाहिए। इस अवसर पर रामजी यादव, केदारनाथ तिवारी, अशोक कुमार गुप्ता, मोहन राम, दिनेश कुमार सिंह, बृजमोहन लाल, अरविंद कुमार, संजय कुमार, जीत बहादुर थापा, कृष्णा साह, राकेश कुमार सिंह, संजय कुमार शर्मा रहे। अध्यक्षता एके उपाध्याय ने की।
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