कंदवा। क्षेत्र के अरंगी गांव में चल रही रामलीला के 12 वें दिन बृहस्पतिवार की रात लक्ष्मण शक्ति, मेघनाद और कुंभकर्ण वध की लीला हुई । शक्ति बाण लगने से लक्ष्मण के मूर्छित होते ही दर्शक भावुक हो उठे। वहीं मेघनाद एवं कुंभकर्ण वध होते ही श्रद्धालुओं ने हर हर महादेव और जय श्री राम के जयकारे लगाए।
बृहस्पतिवार की रात रामलीला का आरंभ अंगद के लंका से वापस लौटने से होता है। रावण सीता को वापस सौंपने से मना कर देता है। इस पर रावण को युद्ध में पराजित करने के बाद ही सीता को हासिल करने का एकमात्र रास्ता बच जाता है। इसके बाद युद्ध के लिए राम- रावण की सेना आमने- सामने खड़ी होती है। लक्ष्मण के साथ रावण के पुत्र मेघनाद का भीषण युद्ध होता है। मेघनाथ शक्ति बाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर दिया। तब हनुमान लंका से सुषेण वैद्य को लाते हैं। वैद्यराज सुषेण की सलाह पर हनुमान संजीवनी बूटी लेकर आते हैं। उसके सेवन से लक्ष्मण स्वस्थ हो जाते हैं। स्वस्थ होने के बाद लक्ष्मण फिर युद्ध भूमि में जाते हैं और घनघोर युद्ध के बाद मेघनाद का वध कर देते हैं। इसके बाद कुंभकर्ण वघ होता है। इस दौरान लीलाधर सिंह, अजीत सिंह, धनवंतरी पांडेय, रघुनाथ सिंह, विजय शंकर गुप्ता, गुलाब सिंह, अखिलेश सिंह, राजेश पांडेय आदि रहे।