शहाबगंज में सेना के जवान अरविंद मौर्य को सलामी देते अधिकारी। संवाद
शहाबगंज। सैन्यकर्मी अरविंद कुमार मौर्य को शुक्रवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव शहाबगंज पहुंचा, पूरा इलाका शोक में डूब गया। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर हर आंख नम हो गई। भारत माता के जयकारे गूंजने लगे। इसके बाद मणिकर्णिका घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अरविंद राजस्थान के बीकानेर जनपद में सेना में तैनात थे। पिछले महीने वह गांव आए थे और बीमार पड़ गए थे। परिजनों ने बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली स्थित सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका निधन हो गया।
अंतिम विदाई में क्षेत्र के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। भाजपा विधायक कैलाश आचार्य ने भी पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। अरविंद के पिता चंद्रशेखर मौर्य, मां सुशीला देवी, भाई अनिल मौर्य, पत्नी मुन्नी देवी, बेटे आरुष, अंश, बड़ी बहन रेखा मौर्य का विलाप देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
शाेक में पूरे कस्बे की दुकानें शोक में बंद रहीं। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट पर सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ अरविंद का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान ब्लाक प्रमुख चकिया शंभूनाथ यादव, बीडीओ दिनेश सिंह, श्याम जी सिंह, महेंद्र राव, अजय जायसवाल, महमूद आलम, रतीश कुमार, रामजीत साहनी, प्रदीप जायसवाल आदि थे।