शौचालय के दरवाजे और नल खोलने बंद करने और साबून निकलने की व्यवस्था पैर से संचालित होगी। यही नहीं कोच के दरवाजे के हैंडिल ओर रेलिंग कॉपर कोटिंग वाले होंगे। कॉपर के संपर्क में आने वाला वायरस कुछ ही घंटों में निष्क्रिय हो जाता है। रेलवे के अनुसार, एसी कोच के पाइप में प्लाज्मा एअर उपकरण लगाया गया है। इस तकनीक से एसी कोच के अंदर की हवा और सतहों को वायरस मुक्त कराया जा सकेगा। ऐसे में कोच कोविड-19 से मुक्त रहेगा।
कोरोना से बचाव के लिए रेलवे सतर्क है। इसी कड़ी में एंटी कोविड कोचों का निर्माण हो रहा है। जल्द ही इसे ट्रेनों में जोडा जाएगा। - राजेश कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्व मध्य रेलवे