लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और गहमागहमी के बीच रविवार को हुआ।
मतदान
के बाद अध्यक्ष पद पर अंकित यादव, उपाध्यक्ष निखिल राज, महामंत्री
जितेंद्र कुमार, मुजफ्फर हुसैन पुस्तकालय मंत्री, बेलाल अहमद कला संकाय
मंत्री व वाणिज्य संकाय प्रतिनिधि पद के लिए रोशन शर्मा निर्वाचित घोषित
किए गए। मतगणना के बाद निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई गई।
पदाधिकारियों के समर्थकों ने जुलूस निकालकर खुशी मनाई।
इसके पहले
मतदान रविवार की सुबह 08 बजे से शुरू होकर दिन में दो बजे तक हुआ। 3374
मतदाताओं में से 1802 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। अध्यक्ष पद पर
अंकित एवं भानु प्रताप यादव में सीधी टक्कर थी। तीन बजे से मतगणना शुरू
हुई। करीब साढ़े छह बजे परिणाम की घोषणा चुुनाव अधिकारी डा. अनिल यादव ने
की।
घोषित परिणाम में अंकित यादव ने भानु यादव को 197 मतों से पराजित कर
जीत का सेहरा अपने सिर बांध लिया। अंकित को 993 और भानु प्रताप यादव को 796
मत प्राप्त हुए, जबकि 13 मत अवैध पाए गए। महामंत्री के पद पर जितेन्द्र
कुमार व मनोज तिवारी के बीच संघर्ष था। जितेंद्र कुमार ने मनोज तिवारी को
405 मतों से करारी शिकस्त दी। जितेंद्र को 966, बब्लू को 244 और मनोज
तिवारी को 561 मत मिले। उपाध्यक्ष पद पर जितेंद्र कुमार और निखिल राज के
बीच कड़ा मुकाबला था। जिसमें निखिल राज ने जितेंद्र को 24 मतों से हराया।
इस पद पर पांच उम्मीदवारों ने किस्मत आजमाई थी। अब्दुल तौसीफ को 26,
जितेंद्र कुमार को 759, तौसीफ अहमद 143, निखिल राज 783 और रवि यादव को 69
वोट मिले।
इसी तरह पुस्तकालय मंत्री पद पर उत्तम गुप्ता और मुजफ्फर हुसैन
के बीच सीधा मुकाबला था। जिसमें मुजफ्फर हुसैन ने उत्तम गुप्ता को 137
मतों से हराकर जीत को अपने नाम कर लिया।
मुजफ्फर हुसैन को 955 और उत्तम
गुप्ता को 818 मत मिले। कला संकाय प्रतिनिधि पद पर बेलाल अहमद व वणिज्य
संकाय प्रतिनिधि पद पर रोशन शर्मा निर्वाचित हुए।
जीत के बाद समर्थकों ने
नारों के साथ जुलूस निकाला । इस दौरान प्रभारी एसडीएम सदर साहब लाल
प्रजापति, तहसीलदार गुलाब चंद्र, सीओ सदर प्रमोद यादव, कोतवाली प्रभारी
विनोद यादव, चंदौली कोतवाली प्रभारी साजिद सिद्दीकी, एसआई धीरेन्द्र सिंह,
कपिल यादव, मनोज तिवारी, महाविद्यालय प्रबंधक राजेश तिवारी, प्राचार्य डॉ
पुष्पा सिंह, चुनाव अधिकारी डॉ अनिल यादव समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।