पीडीडीयू नगर। सरकार नौनिहालों को पढ़ाने और उनको स्वस्थ रखने के लिए कई योजनाएं चला रही है। दूसरी ओर आलम यह है कि नियामाबाद के कुढ़े खुर्द, कुढ़कला और चहनियां ब्लाॅक के टांडाकला, सुरौली और टांडाकला प्रथम समेत कई आंगनबाड़ी केंद्र महीने में सिर्फ एक दिन पोषाहार वितरण के लिए खोले जाते हैं। अमर उजाला की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है। अधिकारियों को भी इसकी जानकारी है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
जनपद में कुल 1873 आंगनबाड़ी केंद्र हैंं। इनमें 732 आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन हैं। इनमें छह माह से तीन वर्ष तक व तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का पंजीकरण होता है। ज्यादातर आंगनबाड़ी केंद्रों महीने में सिर्फ एक दिन खुलते हैं और पोषाहार का वितरण होने के बाद फिर बंद हो जाते हैं। नियामताबाद विकासंड कुढ़े खुर्द और कुढ़कला पंचायत भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र महीने में सिर्फ एक बार खुलते हैं। यहां कभी-कभी आंगनबाड़ी कार्यकत्री आकर बच्चों को जुटाती हैं और उन्हें स्टेशरी आदि बांटकर चली जाती हैं।
वहीं, चहनियां ब्लाॅक के सुरौली, टांडाकला व टांडाकला आंगनबाड़ी केंद्र प्रथम भी महीने में एकाध बार ही खुलते हैं। संवाददाता के किए गए पड़ताल में सभी पर ताले बंद मिले। स्थानीय लोगों ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र पोषण वितरण वाले दिन खुलते हैं। स्थिति यह है कि जो अभिभावक आंगनबाड़ी केंद्रों में अपने बच्चों का प्रवेश कराए हैं वे पढ़ाई न होने से उनको प्राइवेट विद्यालयों के प्ले ग्रुप में पैसे खर्च कर पढ़ाने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि अगर सही जांच की जाए तो ऐसे आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बहुत ज्यादा है, जो महीने में कभी-कभी ही खुलते हैं।