पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन यार्ड में सोमवार की रात बाम्बे मेल के गेट से पैर फिसलने से नीचे गिरे आरपीएफ के दरोगा की मौत हो गई। रेल मंडल के रफीगंज स्टेशन, बिहार में तैनात दरोगा विशाल कुमार तिवारी ( 28) की 6 महीने पहले ही तैनाती हुई थी।
मूल रूप से मऊ जनपद के मुधबन थाना क्षेत्र के तिनहारी गांव निवासी विशाल कुमार तिवारी के पिता निर्दोष तिवारी भी आरपीएफ में सिपाही थे। धनबाद में तैनाती के दौरान सड़क हादसे में करीब दो साल पहले उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद विशाल को अनुकंपा के आधार पर आरपीएफ में दरोगा पद नियुक्ति मिली थी।
छह माह पहले ट्रेनिंग के बाद विशाल की तैनाती रफीगंज पोस्ट पर हुई थी। विशाल ने हाल ही में रफीगंज में मकान लिया था।
इसी सिलसिले में वह एक दिन की छुट्टी लेकर मऊ अपने घर सामान लेने आए थे। घर से सोमवार की रात रफीगंज जाने के लिए वह गाड़ी संख्या 12322 डाउन बॉम्बे मेल से रवाना हुए। डीडीयू यार्ड के पास वह ट्रेन से गिर गए और उनकी जान चली गई।
मंगलवार की सुबह पीडीडीयू यार्ड में पोल संख्या 673/8 के पास शव मिलने पर रेलकर्मियों ने इसकी सूचना आरपीएफ और अलीनगर पुलिस को दी। जांच में शव की शिनाख्त आरपीएफ के दरोगा विशाल कुमार तिवारी के रूप में हुई थी। आरपीएफ अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
अलीनगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में मौत की वजह ट्रेन के गेट से पैर फिसलकर गिरना बताया जा रहा है। हादसे ने परिवार को झकझोर कर रख दिया है। विशाल की पत्नी के अलावा एक छह माह का बेटा है, जिसके सिर से पिता का साया उठ गया। अलीनगर प्रभारी निरीक्षक अनिल पांडेय ने बताया आरपीएफ दारोगा के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। वहीं मंगलवार को ही मऊ के दोहरीघाट में अंतिम संस्कार किया गया।