। बाइक चलाते समय सुरक्षा का ध्यान न रखने के कारण लोग हेलमेट नहीं लगाते। इस कारण हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। अगर लोग हेलमेट लगाएं तो निश्चित रूप से हादसों में मौतों की संख्या में कमी आए। हालांकि यातायात विभाग इसके लिए समय-समय पर अभियान चलाता रहता है, लेकिन इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है। पिछले साल जनपद में दोपहिया वाहनों से हुए हादसों में 35 लोगों की मौत हुई थी। इनमें पांच लोगों की मौत हेलमेट न लगाने के चलते हुई थी। अब दो पहिया वाहन चालक के साथ पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया है। दोपहिया वाहनों से हो रही दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया गया है
एआरटीओ राधेश्याम यादव ने बताया कि जिले में एक लाख दस हजार वाहनों का पंजीकरण है। इसमें से 70 हजार से अधिक दो पहिया वाहन हैं। उन्होंने बताया कि लोगों को हेलमेट पहनने को जागरूक किया जाता है। विभाग कभी कैंप लगाकर तो कभी फूल बांटकर हेलमेट न पहनने वालों को संदेश देता है कि अपने जीवन की सुरक्षा के लिए बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं।