पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल में संरक्षा को लेकर लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत मंडल के सभी 102 समपार फाटक मानवयुक्त हो गए हैं।
चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल से सितंबर के बीच मुख्य लाइन या यार्ड में ट्रेन के पटरी से उतरने, सिग्नल पार करने अथवा समपार फाटक पर दुर्घटना का कोई मामला सामने नहीं आया।
इस दौरान संरक्षा विभाग ने 250 से अधिक गहन और औचक निरीक्षण किए तथा 13 विशेष संरक्षा अभियान चलाए। पं. दीनदयाल उपाध्याय मंडल देश के अति व्यस्त रेल मंडलों में शामिल है। पीडीडीयू-मानपुर ग्रैंड कॉर्ड, सोन नगर-गढ़वा रोड और सासाराम-आरा रेलखंड पर यात्री और मालगाड़ियों का लगातार आवागमन होता है। इसके अलावा मंडल ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से भी जुड़ा है।
मंडल जनसंपर्क अधिकारी विश्वनाथ ने बताया कि संभावित तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। पिछले दो वित्तीय वर्षों में 2024-25 में 63 और 2025-26 में 57, कुल 120 मामलों में संरक्षा संबंधी खामियों की समय रहते पहचान की गई। चालू वित्त वर्ष में विभिन्न विभागों के 19 रेलकर्मियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए मासिक संरक्षा पुरस्कार दिया गया है। अब तक किए गए 250 से अधिक निरीक्षणों में स्टेशन-कैबिन, समपार फाटक, फुटप्लेट, एम्बुश और रात्रिकालीन जांच शामिल हैं। संवाद