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Chandauli News: पांच साल पहले पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए 12 गांवों में बंजर, ऊसर जमीन से निकाली मिट्टी, तालाब के नाम पर खाेदे गए गड्ढे बने जानलेवा

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मुहम्मदाबाद गोहना तहसील के चकजाफरी गांव में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के लिए सरकारी जमीन से खोदी गई
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मुहम्मदाबाद गोहना। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बने पांच साल बीत गए। एक्सप्रेस-वे को ऊंचा करने के लिए 12 गांवों में 30 से अधिक स्थानाें पर बंजर, ऊसर और नवीन परती जमीन से मिट्टी निकाली गई। उस समय हवाला दिया गया उक्त स्थानों पर जल संरक्षण के लिए तालाब बनाए जाएंगे। जलाशय की योजना कागजों तक ही सीमित रह गई। तालाबों के नाम पर खोदे गए 20 फीट से ज्यादा गहराई वाले गड्ढे जानलेवा हो गए। अब तक गड्ढों में डूबने से तीन लोगों की जान चली गई। मऊ में लगभग 28 किलोमीटर तक गुजरने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान तहसील क्षेत्र के हाफिजपुर, देवरिया, रसूलपुर, मालव, जमुई, बरडीहा, भांटी, अरैला, करपिया, याकूबपुर और नोहरेपुर सहित 12 से अधिक गांवों में बड़े पैमाने पर मिट्टी की खोदाई कराई गई थी। उस समय ग्राम प्रधानों और ठेकेदारों ने कहा था कि बंजर भूमि पर जलाशय विकसित किए जाएंगे इसलिए मिट्टी निकाली जा रही है। दावा किया गया था कि तालाब के जरिये गांवों में वर्षा के जल का संचयन किया जाएगा। भूजल स्तर ऊपर आएगा और ग्रामीणों को पूरे साल पानी मिलेगा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। तालाब के नाम पर जमीन से 10 से 30 फीट की गहराई तक मिट्टी निकाली गई। अब गड्ढों में झाड़ी उग गई है। खड़ी ढाल के कारण गड्ढे जानलेवा हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बंजर भूमि से मिट्टी की खोदाई के पीछे जल संरक्षण से ज्यादा राजस्व कमाने का खेल था। गड्ढों में एक बूंद पानी नहीं है। इन गड्ढों में अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि तालाब बनने पर गर्मी में पानी की किल्लत नहीं होगी। बरसात में गड्ढों में थोड़ा बहुत पानी भर भी जाए तो उसकी निकासी और सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। करहां की प्रधान पूनम जायसवाल, चकजाफरी के प्रधान धीरेंद्र प्रताप खरवार, सैदपुर के प्रधान शंकर राम, भांटीकला की प्रधान भारती सिंह, जमुई के प्रधान अशोक कुमार, मालव की प्रधान शशिकला देवी ने बताया कि मिट्टी निकालने के दौरान यूपीडा के अधिकारियों ने भुगतान करने की बात कही थी। लेकिन अभी तक पैसा नहीं मिला है, जिससे धनराशि ग्राम पंचायत के खाते में जमा कराई जा सके। ये बात उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई गई थी।बरडीहा गांव में खोदे गए गड्ढे में तीन साल पहले शौच के लिए निकले एक व्यक्ति की 20 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई थी। दो साल पहले नहाते समय घुटमा में युवक की मौत हुई थी। रसूलपुर में स्थित बंजर भूमि के गड्ढे में डूबने से डेढ़ साल पहले मानसिक रूप से कमजारे व्यक्ति की मौत हुई थी।
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कोट

मामला अभी संज्ञान नहीं है। मामले में अब आवश्यकता अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अभी पूरा फोकस अमृत सरोवर पर है। ब्लॉक में 36 अमृत सरोवर हैं, इसमें से बीस सरोवरों में पानी भरा हुआ है। शेष 16 तालाबों में भी जल स्तर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।


पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के लिए मिट्टी निकालते समय गहराई का ध्यान नहीं दिया गया। गांव के रसूलपुर में खोदे गए तालाब की गहराई और खड़ी ढलान से हमेशा ग्रामीणों और पशुओं के लिए खतरा बना रहता है।
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शिवेश सिंह, करहां


ग्राम पंचायत में मनमानी कर कर सरकारी और सार्वजनिक जमीनों की मिट्टी भेज दी गई। अब न तो उसपर तालाब बनाए गए। न तो इससे ग्रामीणों को कोई लाभ मिल रहा है। बरडीहा गांव के गहरे पोखरे में गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
अली हसन, अरैला


गड्ढों में तालाब विकसित करने की योजना अब ठंडे बस्ते में है। लाखों रुपये की मिट्टी बेची गई, लेकिन इससे गांव में विकास की कोई योजना नहीं बनी। अब न तो तालाब और पोखरों में पानी है और न ही इसके संरक्षण की कोई व्यवस्था की गई है।

विजय कुमार, घुटमा
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गांव की सार्वजनिक जमीनों की मिट्टी निकलवाकर बेच दी गई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे निर्माण के दौरान बताया गया कि गांव में तालाब खुदवा कर यहां मछली पालन और जल संरक्षण की योजना बनेगी लेकिन मिट्टी निकालने के बाद कई साल से ना तो इसमें पानी है और नहीं मछली पालन किया जा रहा है। इसकी जगह अब यहां झाड़ी है।
चंद्रकांत तिवारी, भाटीकला

ग्रामसभा की सरकारी जमीनों से मिट्टी निकालकर बेचना नियम विरुद्ध है। यदि मिट्टी बेची भी गई है तो, उसे प्रधानों ने ग्राम पंचायत निधि खाते में जमा कराया गया होगा। रही बात मिट्टी खोदाई के बाद जलाशय खोदाई की, तो इसकी जांच की जाएगी। साथ इसकी भी जांच कराई जाएगी कि कितनी मिट्टी निकाली गई और बाजारू कीमत के अनुसार ग्राम पंचायत के खाते में पैसा जमा कराया गया है या नहीं। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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- अर्चना अग्निहोत्री

- उपजिलाधिकारी, मुहम्मदाबाद गोहना
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