स्थानीय विकास खंड के डैना गांव में पिछले दस साल से नाबदान के पानी के बीच से होकर ग्रामीण चलने चलने को मजबूर हैं।
कई
स्थानों पर गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई न होने से नाराज होकर गुरुवार को
ग्रामीणों ने गांव में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि
गांव में पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
बरठी
न्याय पंचायत अंतर्गत डैना गांव में पिछले दस वर्षों से गांव में नाबदान
का पानी सड़क पर बह रहा है।
इस वर्ष ग्रामीणों ने डैना को अलग न्याय पंचायत
बनाने की गुहार लगाई थी। बाद में अलग ग्राम सभा का गठन किया गया। गांव के
मुख्य मार्ग में जर्जर पड़ी नालियों की वजह से घरों का गंदा पानी सड़क पर
बह रहा है। जिसकी वजह से लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों ने गांव में क्षतिग्रस्त नालियों को ठीक करवाने के लिए कई बार
तहसील दिवस में जिले के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन अधिकारियों ने
उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया।
गुरुवार को नवनिर्वाचित ग्राम
प्रधान धीरेन्द्र कुमार यादव के नेतृत्व में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन
किया। और शासन -प्रशासन की उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया। ग्रामीणों ने
चेताया कि अगर जल्द ही इस समस्या से निजात नहीं दिलाया गया तो वे मजबूर
होकर तहसील मुख्यालय पर आंदोलन के लिए बाध्य होगें।
विरोध प्रदर्शन में
रामसेवक, संजय, अच्छे, लाला यादव, राजेश यादव, लक्ष्मन यादव, मूराहू, चुनी
साव, बेचन, वकील यादव, सूबेदार,कमलेश, सोनू यादव, रामलखन व धमेन्द्र आदि
उपस्थित रहे। इस बाबत बीडीओ दिलीप सोनकर ने बताया कि गांव की जर्जर नालियों
की जानकारी नहीं थी। जल्द ही ग्राम सभा निधि से नालियों को ठीक कराया
जायेगा।