प्रदेश में पंद्रह हजार सहायक अध्यापकों के भर्ती की काउंसलिंग शुरू कराने
की मांग को लेकर बीटीसी अभ्यर्थियों ने सोमवार को बीएसए कार्यालय के बाहर
प्रदर्शन किया।
साथ ही बीएसए से मिलकर शिक्षक पद पर शिक्षामित्रों
का समायोजन बंद कराने की भी मांग की। अंत में अभ्यर्थी समाज कल्याण
कार्यालय पहुंचे और वहां भी बीटीसी छात्रवृत्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन
किया।
अभ्यर्थियों का कहना रहा कि बीटीसी 2011-12 बैच के प्रशिक्षित
और अध्यापक पात्रता परीक्षा पास लोगों के लिए प्राथमिक विद्यालयों में
पंद्रह हजार सहायक अध्यापकों की भर्ती निकाली गई थी। जनपद में दो सौ रिक्त
पदों के लिए काफी संख्या में टीईटी उत्तीर्ण बीटीसी छात्रों ने आवेदन किया
है। लेकिन अभी तक सहायक अध्यापक पद पर काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू नहीं
कराई जा रही है। जबकि 13 दिसंबर 2014 को जारी विज्ञप्ति में सात मई तक
आनलाइन आवेदन और त्रुटि संशोधन प्रक्रिया समेत सभी औपचारिकताएं पूर्ण हो
चुकी हैं। वहीं दूसरी तरफ सहायक अध्यापकों के रिक्त पदों पर शिक्षामित्रों
का समायोजन किया जा रहा है, जो सर्वथा गलत है। अभ्यर्थियों ने शीघ्र ही
काउंसलिंग की तिथि घोषित करने की मांग की। कहा कि यदि 18 मई तक इस संबंध
में कोई उचित निर्णय नहीं लिया गया तो अभ्यर्थी मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन
करेंगे। अंत में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के नाम संबोधित ज्ञापन बेसिक
शिक्षाधिकारी पीसी यादव को सौंपा। इसके बाद सभी अभ्यर्थी समाज कल्याण
कार्यालय पहुंचे और समाज कल्याण अधिकारी ने नहीं होने पर नारेबाजी करते
हुए शीघ्र ही छात्रवृत्ति दिलाने की मांग की। इस अवसर पर अखिलेश त्रिपाठी,
नवीन त्रिपाठी, पंकज मौर्य, आदित्य सिंह, अमित गुप्ता, नागेश आदि उपस्थित
रहे।
समायोजन प्रक्रिया शुरू कराए जाने की मांग
शिक्षामित्रों ने बीएसए के समक्ष रखी समस्याएं
चंदौली।
उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ जिला इकाई की बैठक सोमवार को स्थानीय कैंप
कार्यालय पर हुई। जिसमें संगठन सहित तमाम बिंदुओं पर चर्चा की गई और
शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाए जाने का फरमान जारी होने के बाद भी
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा उदासीनता बरते जाने पर शिक्षामित्रों ने गहरी
नाराजगी व्यक्त की।
चेताया कि शीघ्र समायोजन की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई,
तो हम सभी बेसिक शिक्षा विभाग के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
इस अवसर पर
वाराणसी मण्डल अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सपा
सरकार ने शिक्षामित्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए शासनादेश जारी कर
शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाने की पहल की है।
बावजूद इसके अभी तक
जिले में इसका अनुपालन नहीं हो पा रहा है, जो सीधे तौर पर शिक्षामित्रों की
अनदेखी है। अभी तक समायोजन की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से शिक्षामित्रों
के सहायक अध्यापक बनने में विलंब हो रहा है। जिलाध्यक्ष इंद्रजीत यादव ने
कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही का खामियां जनपद के शिक्षामित्र
भुगत रहे हैं। अंत में शिक्षामित्रों का प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षाधिकारी
पीसी यादव से मिला और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत कराया। बीएसए ने
शिक्षामित्रों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए दो दिनों के अंदर समायोजन
के संदर्भ विज्ञप्ति जारी कर प्रक्रिया को गतिमान करने का भरोसा दिलाया।
इस
अवसर पर नंदलाल सिंह, धर्मेंद्र पांडेय, सत्य नारायण यादव, सियाराम राय,
संतोष कोल आदि उपस्थित रहे। संचालन राजेश कुमार सिंह ने किया।