अलीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में 27 अक्तूबर को छह साल की बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं।
आरोपियों के परिजन पीड़ित पक्ष पर सुलह का दबाव बना रहे हैं। हालांकि पुलिस पीड़ित परिवार को समुचित सुरक्षा का दावा कर रही है। आरोप है कि शुक्रवार को पुलिस की कार्रवाई के बाद पकड़े गए एक आरोपी के भाई ने परिजनों को धमकी दी। 27 अक्तूबर की देर शाम अपने चाचा के घर से लौट रही छह साल की बच्ची को कुछ लोगों ने अगवा कर लिया था।
आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। 28 अक्तूबर को गांव के ही एक मकान में भूसे के ढेर से बिना कपड़े का बच्ची का शव मिला था। पुलिस शुक्रवार को मामले में आरोपी रंजीत बिंद और लखन बिंद को न्यायालय में पेशी पर ले जा रही थी।
उस समय दोनों आरोपियों ने एसआई की पिस्टल छिनकर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी और दोनों घायल हो गए थे।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद आरोपियों के बड़े भाई ने पीड़ित परिवार को फोन पर धमकी दी। उसने परिवार से थाने जाकर यह लिखवाने को कहा कि रंजीत और लखन इस मामले में शामिल नहीं हैं। पीड़ित परिवार ने समझाैता करने से इन्कार कर दिया।
पीड़ित परिवार ने पुलिस से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। सीओ कृष्णमुरारी शर्मा ने बताया कि पीड़ित पक्ष की सुरक्षा के लिए मौके पर आरक्षियों की तैनाती की गई है। यदि कोई पीड़ितों को धमकी देगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।