चंदौली। जिला न्यायालय एवं मुख्यालय निर्माण संघर्ष समिति जिला न्यायालय निर्माण शुरू न कराने पर जनप्रतिनिधियों शवयात्रा निकालेगी और पिंडदान करगी। मांगें पूरी न होने पर अधिवक्ता दिल्ली तक पदयात्रा करेंगे। यह बात रविवार को बार एसोसिएशन सभागार में आंदोलन के संयोजक झन्मेजय सिंह ने कही।
मुख्यालय निर्माण समिति के संयोजक रविवार को आंदोलन के भावी रणनीति साझा करते हुए कहा कि चंदौली जिले का निर्माण वर्ष 1997 में हुआ था, लेकिन इन 26 सालों में जरूरी कार्यालय नहीं बने। इसके लिए अधिवक्ता बार-बार संघर्ष कर रहे हैं। इस बार आरपार की लड़ाई की तैयारी है। यह इकलौता जिला है जिसका मुख्यालय नगर पंचायत और उसकी तहसील नगर पालिका है। पं. कमलापति त्रिपाठी के बाद किसी ने जिले के विकास के बारे में न हीं सोचा। जनप्रतिनिधि सात दिनों में अपनी स्थिति स्पष्ट करें कि वे जिला मुख्यालय के विकास के लिए तत्पर हैं। ऐसा नहीं करते तो उनको मृतप्राय मानकर अंतिम संस्कार किया जाएगा। बुद्धि-शुद्धि यज्ञ के बाद शवयात्रा निकाली जाएगी। दसवां और तेरहवीं का भी कार्यक्रम चंदौली कचहरी में होगा। उसके बाद पिंडदान किया जाएगा।