स्थानीय बार एसोसिएशन सहित वेंडर, टाइपिस्टों द्वारा ई-रजिस्ट्री व्यवस्था का विरोध जताते हुए कार्य सोमवार को ठप किए जाने से सबरजिस्टार कार्यालय में भूमि मकान आदि की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। रजिस्ट्री बाधित होने से लगभग सात से आठ लाख रूपए राजस्व शुल्क का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बृजेश सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं, वेंडरो, टाइपिस्टों की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि ई-रजिस्ट्री व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं तथा दस्तावेज तैयार करने वाले वेंडरों के जीविका पर सीधा असर पड़ेगा। आरोप लगाया कि रजिस्ट्री कार्यालय में ऑनलाइन व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सर्वर और तकनीकी समस्याओं के चलते रजिस्ट्री कार्य प्रभावित हो रहा था। जिससे वादकारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। व्यवस्था में सुधार के बजाय ई-रजिस्ट्री लागू किए जाने से स्थिति और जटिल होने की आशंका है। बार एसोसिएशन अध्यक्ष बृजेश सिंह व महामंत्री अखिलेश श्रीवास्तव ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर फिलहाल ध्यान नहीं दिया गया तो रजिस्ट्री कार्य ठप करने का कार्य अगले दिन मंगलवार को भी बाधित किया जाएगा। प्रभारी सब रजिस्ट्रार अखिलेश चौधरी ने कहा कि ई रजिस्ट्री व्यवस्था लागू नहीं किए जाने के विरोध में अधिवक्ता, वेंडर, टाइपिस्ट हड़ताल पर हैं। इस कारण रजिस्ट्री का कार्य प्रभावित रहा।