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Chandauli News: अधिवक्ताओं ने एसडीएम कोर्ट के बाहर दिया धरना

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वि​​भिन्न मांगों को लेकर सदर तहसील परिसर में धरना पर बैठे अ​धिवक्तागण। संवाद
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बलिया। नगर तहसील में शुक्रवार को एसडीएम और अधिवक्ताओं के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। विवाद उस समय गहरा गया जब, एसडीएम ने वादकारियों की सुनवाई शुरू की। अधिवक्ताओं ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। क्योंकि फाइलों के रीस्टोरेशन तथा अन्य मांगों को लेकर न्यायिक कार्य के बहिष्कार का अधिवक्ताओं ने प्रस्ताव पास किया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रस्ताव के खिलाफ सुनवाई की जा रही थी।
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विवाद इतना बढ़ा कि एसडीएम ने अपने कर्मचारियों के बुलाने की धमकी तक दे डाली। साथ ही किसी अनहोनी के भय से पुलिस भी बुला ली गई। इस दौराना अधिवक्ता जुटते चले गए। अधिवक्ताओं ने एसडीएम पर गलत ढंग से कार्य करने का आरोप लगाया। डीएम से जांच करने की मांग करते हुए एसडीएम आफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। हालांकि कुछ देर बाद मामला शांत हुआ और अधिवक्ता अपने काम पर चले गए।
एसडीएम तिमराज सिंह शुक्रवार को मुकदमों की सुनवाई के लिए कोर्ट में बैठ। इसकी जानकारी जब तहसील बार एसोसिएशन के महामंत्री वालेंदु ओझा को हुई तो वह एसडीएम कोर्ट पहुंचे। अधिवक्ताओं ने बताया कि न्यायिक कार्य से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके बावजूद एसडीएम कोर्ट में सुनवाई करने पहंुचे। अधिवक्ताओं के मना करने के बाद भी वह नहीं माने।
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मामला बढ़ने पर नगर कोतवाल क्षितिज त्रिपाठी मय पुलिस बल के साथ एसडीएम कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने अधिवक्ताओं से बात कर शांति बहाल करने का प्रयास किया। अधिवक्ता धरने पर बैठ एसडीएम के खिलाफ नारे लगाते रहे।


एसडीएम फाइल रीस्टोर करने के लिए राजी नहीं
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया क एसडीएम ने करीब 500 फाइलों को पोर्टल से हटवा दिया है। ऐसा बिना सुनवाई के ही किया गया। इस बात को लेकर अधिवक्ता उनसे कई बार मिले भी, लेकिन बात नहीं बनी। इस बात को लेकर कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव भेजा है। अधिवक्ता चाहते हैं कि हटाई गई फाइलों को रीस्टोर किया जाए। इसके बाद ही कोई सुनवाई हो।

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एसडीएम ने एफआईआर कराने की दी धमकी
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि एसडीएम उन पर एससी-एसटी के तहत एफआईआर दर्ज कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि पहले वह मुकदमा दायर कराएं, इसके बाद ही अन्य कोई कार्य संपादित होगा।

इनसेट-
एसडीएम के किए फैसलों की जांच की मांग
अधिवक्ताओं ने धरना स्थल से एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किए गए अधिकतर फैसले सही नहीं है। फैसलों को लेकर उन पर गंभीर आरोप भी लगाए गए। आरोप तो यह भी लगाया गया कि एसडीएम द्वारा 229 बी मुकदमे के सभी फैसले गलत हैं। मांग किया कि जिलाधिकारी उनके द्वारा दिए गए फैसलों की जांच कराएं।
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