सकलडीहा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण करते पूर्व सांसद रामकिशुन यादव। स्रोत:-स्वयं
समय से नहरों और ड्रेनों की सफाई व खुदाई नहीं होने के कारण जिले में हजारों एकड़ धान की फसल जलमग्न हो गई है। सोमवार को सकलडीहा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने पहुंचे पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने इसके लिए प्रशासन और बंधी डिवीजन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने धूस नोनार और लेहर मनिहरा ड्रेन की खुदाई नहीं कराए जाने पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की।
पूर्व सांसद ने कहा कि समय रहते नहरों और ड्रेनों की सफाई व खुदाई करा दी जाती तो खेतों में जलभराव की स्थिति नहीं बनती। भोजापुर और बर्थरा ताल पूरी तरह पानी से भर गए हैं, जिससे आसपास के खेतों में लगी धान की फसल डूब गई। किसानों ने फसल में खाद भी डाल दी थी, लेकिन जलभराव के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया। उन्होंने कहा कि फसल बर्बाद होने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रशासन को सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को तत्काल 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने बंधी डिवीजन के कार्यों की जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
रामकिशुन ने कहा कि जलनिकासी की व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जानी चाहिए। भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए सभी नहरों और ड्रेनों की समय से सफाई और खुदाई कराना जरूरी है।