सत्संग के दूसरे दिन भंडारे में प्रसाद चखते लोग।
सदाचार, मद्यनिषेध जन जागरण यात्रा के दौरान राजघाट पुल पर हुई भगदड़ के लिए पंकज बाबा ने प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हादसे के बाद प्रशासन ने यातायात काबू में करने के लिए व्यवस्था की, उस तरह शनिवार को भी इंतजाम किए गए होते तो ऐसी दुखद घटना का सामना न करना पड़ता।
प्रवचन के बाद पत्रकारों ने जब पंकज बाबा से पूछा कि तीन हजार लोगों के आने की अनुमति आपने ली थी, तो चार लाख की भीड़ कैसे आ गई? इस पर उनका कहना था कि इतने भक्त आ जाएंगे, ऐसी कल्पना मैंने भी नहीं की थी। इसके लिए मैं क्या कर सकता हूं। मैं किसी को रोक तो सकता नहीं। जो भाई-बहन अपने गुरु के लिए प्राण त्याग दिए उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी। हमारी संवेदना उनके साथ है। पंकज बाबा ने कहा कि अभी चार लाख लोग आए हैं , उम्मीद है आने वाले दिनों में चार करोड़ तक यह संख्या पहुंच जाएगी।
पंकज बाबा ने राजघाट पुल पर हुए हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए मृत लोगों को शहीद करार दिया। उन्होंने कहा कि घटना प्रशासन की लापरवाही से हुई है। पंकज बाबा ने कहा कि मैं इन अनुयायियों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करता हूं। कहा कि बाबा जय गुरुदेव ने शाकाहार, सदाचार और मद्य निषेध के प्रचार प्रसार के लिए काफी प्रयास किया। प्रचार और प्रभावी बनाने के लिए लोगों को अपने जिले में काम करना चाहिए। कहा कि जैसा अन्न हम खाते हैं वैसा ही मन होता है।