पीडीडीयू नगर। अपनी खुशबू और अन्य खूबियों से पहचाने जाने वाले आदमचीनी चावल की खेती की ओर जिले के किसानों का रुझान बढ़ा है। जीआई पेटेंट होने के बाद इस वर्ष करीब 30 एकड़ खेत में किसानों ने इस धान की खेती की है। यह पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब 25 एकड़ ज्यादा है। इन दिनों खेतों में इसकी फसल लहलहा रही है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम ने साथ दिया तो अच्छी उपज होगी। जिले में आदमचीनी चावल को जीआई (भौगोलिक संकेत) पेटेंट मिल जाने से किसान उत्साहित हैं। हालांकि पिछले वर्ष जिले में करीब पांच एकड़ में ही किसानों ने धान की इस प्रजाति की खेती की थी लेकिन उपज अच्छी होने और चावल का अच्छा मूल्य मिलने से इस वर्ष किसानों का रुझान इस ओर गया है। दरअसल जिले का यह पहला उत्पाद है, जिसे जीआई पेटेंट मिला है। नाबार्ड और राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश के 11 उत्पादों को इस वर्ष जीआई पेटेंट प्राप्त हुआ है। इसमें चंदौली का आदमचीनी चावल (715) भी शामिल है। नाबार्ड के सहयोग से कोविड के कठिन समय में प्रदेश के 20 उत्पादों का जीआई आवेदन किया गया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उत्पादों को जीआई टैग मिला है।