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UP: अब अमेजन और फ्लिपकार्ट पर बिकेगा आदमचीनी चावल, विदेशों तक जाएगा; गल्फ देशों में हो रही चर्चा

Sat, 15 Nov 2025 05:29 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंदाैली।

सार

उत्तर प्रदेश के चंदाैली का आदमचीनी चावल अब विदेशों में अपनी सुगंध बढ़ाएगा। दिल्ली की एक कंपनी ने इसे सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर उपलब्ध करा दिया है। यहां से विदेशों में भी चावल खरीदा जा सकता है।
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अमेजन और फ्लिपकार्ट - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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पीडीडीयू नगर में पैदा होने वाले जीआई टैग प्राप्त आदमचीनी चावल की वैश्विक बाजार में पहुंचाने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की कंपनी ने आदमचीनी चावल के चंदौली ब्रांड को पैकिंग कराकर विदेशों में भेजने का करार किया है। अब यह ब्रांड अमेजन और फ्लिपकार्ट पर भी उपलब्ध है।

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जिले के आदमचीनी चावल के अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। दिल्ली की कंपनी ने आदमचीनी के चंदौली ब्रांड को पैकिंग कराकर विदेशों में भेजने का करार किया है। गल्फ देशों और यूरोपीय बाजारों में इसकी सुगंध व गुणवत्ता की चर्चा होने लगी है। अब आदमचीनी चावल का ब्रांड 250 रुपये किलो की दर से अमेजन और फ्लिपकार्ड पर भी उपलब्ध है।

आदमचीनी का जीआई टैग लेने वाले ईशानी फॉर्मर प्रोड्यूसर कंपनी इमिलिया के निदेशक अजय कुमार सिंह के अनुसार पिछले दो वर्षों में इसकी मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। इससे इसकी कीमत दोगुनी तक पहुंच गई है। इससे किसानों के चेहरे पर रौनक लौट आई है और युवा किसान भी बड़ी संख्या में इसकी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

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किसानों में खुशी

आदमचीनी की खेती करने वाले किसानों का कहना है कि आदमचीनी चावल की महक इसे अन्य प्रजातियों से अलग बनाती है। प्राकृतिक रूप से सुगंधित यह चावल कम लागत में अच्छी पैदावार देता है, जिससे खेती की लागत और लाभ का संतुलन भी मजबूत रहता है। 

बताया कि विदेशों में प्रीमियम क्वालिटी के भारतीय चावलों की मांग लगातार बढ़ रही है और आदमचीनी चावल इस सूची में तेजी से जगह बना रहा है। अजय सिंह का मानना है कि यदि इस चावल का व्यवस्थित ब्रांडिंग, पैकिंग और क्वालिटी सर्टिफिकेशन किया जाए तो आने वाले वर्षों में यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में बासमती की तरह पहचान हासिल कर सकता है।
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इस वर्ष 50 एकड़ में हुई है आदमचीनी की खेती
आदमचीनी चावल की खेती की ओर किसानों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इस वर्ष करीब 50 एकड़ में आदमचीनी की खेती हुई है जबकि पिछले वर्ष 40 एकड़ में ही खेती हुई थी। अब बाजार और अच्छी कीमत मिलने से खेती का रकबा बढ़ने का उम्मीद है।
चंदौली में जीआई टैग प्राप्त आदमचीनी चावल को वैश्विक बाजार मिलने से किसानों में हर्ष है। चावल के निर्यात के लिए छूट देने की कवायद चल रही है।  -सिद्धार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग
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